यमुनानगर। एडिशनल सेशन जज पायल बंसल की कोर्ट ने नाबालिग लड़की को घर पर रखकर दुष्कर्म करने के दोषी महावीर कॉलोनी निवासी राजेश को कोर्ट ने नौ साल की सजा सुनाई है। लड़की ओड़िसा की रहने वाली थी और बस स्टैंड पर लावारिश हालत में आरोपी को मिली थी। इसके साथ ही उस पर दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं देने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। जिला उप न्यायवादी सुरजीत आर्य ने बताया कि इस मामले में दोषी की पत्नी और उसके एक अन्य रिश्तेदार को कोर्ट ने सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। कोर्ट ने एक बेसहारा लड़की को न्याय दिया है। जो आरोपी बरी हुए हैं उनको लेकर अपील करने का फैसला कोर्ट के आदेश का अध्यन करने के बाद ही लिया जाएगा।
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यह था मामला :
महावीर कॉलोनी जगाधरी निवासी राजेश को साल 2017 में यमुनानगर बस स्टैंड के पास एक ओड़िसा की लड़की लावारिश हालत में मिली थी। वह उसे अपने घर ले गया और छह माह तक वहीं पर रखकर काम कराता रहा। बाद में इसकी सूचना सीडब्ल्यूसी तक पहुंची कि लड़की का शोषण किया जा रहा है। टीम ने लड़की को रेस्क्यू किया और उसका मेडिकल कराया। तब मामला सामने आया कि राजेश और उसका एक रिश्तेदार उससे रेप करता था। इसमें राजेश की पत्नी साथ देती थी। तब जगाधरी पुलिस ने 23 दिसंबर 2017 को केस दर्ज किया था। तीनों को गिरफ्तार कर लिया था। तब से मामला कोर्ट में था। शुक्रवार को कोर्ट ने राजेश को सजा सुनाई और दो को बरी कर दिया।