अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। नवनिर्मित नेशनल हाईवे पर फिर हादसा हो गया। मात्र 11 माह में यह हाईवे 50 से अधिक लोगों की जान ले चुका है। सबसे अधिक हादसे कैल से कलानौर बाईपास पर हो रहे हैं। इसका मुख्य कारण बाईपास के लिंक मागों पर अंडरपास या ओवरब्रिज न होना रहा। जिसके चलते हादसे हो रहे है। इसी तरह सोमवार रात हाईवे पर हुए हादसे में करनाल के डेरा असंध निवासी बूटा सिंह की जान चली गई। हादसे के समय बूटा सिंह अपने साले व एक व्यक्ति के साथ बाइकों पर सवार होकर सहारनपुर के चुनेटीशेख स्थित रिश्तेदारी में जा रहे थे। जैसे ही नवनिर्मित नेशनल हाइवे पर सुखपुरा चौक के पास पहुंचे तो तेज रफ्तार ट्रैक्टर ट्रॉली ने पहले बूटा सिंह की बाइक में टक्कर मार कर गिराया। इसके बाद सड़क पर गिरे बूटा सिंह के सिर को कुचलता हुआ ट्रैक्टर आगे निकल गया। जिससे उसकी मौके पर मौत हो गई। पुलिस ने मामले में ट्रैक्टर ट्राली चालक के खिलाफ केस दर्जकर लिया है।
कुरुक्षेत्र के बाहरी मोहल्ला निवासी बख्शीश सिंह ने बताया कि वह खेती बाड़ी का काम करता है। सहारनपुर के गांव चुनेटीशेख में उसका मासड़ परमजीत सिंह रहता है। सोमवार को उसका जीजा करनाल के डेरा असंध निवासी बूटा सिंह बाइक पर उसके घर आया हुआ था। वहां से एक बाइक पर उसका जीजा बूटा सिंह व दूसरी बाइक पर वो और कुरुक्षेत्र के कीर्तिनगर निवासी मुखत्यार सिंह उसके मासड़ परमजीत के घर चुनेटीशेख के लिए चले थे। बूटा सिंह अपनी बाइक पर हमारे आगे -आगे सामान्य गति से चल रहा था और वे अपनी बाइक पर चल रहे थे। रात करीब आठ बजे जब वे नवनिर्मित नेशनल हाईवे पर गांव सुखपुरा के पास पहुंचे तो अंबाला की तरफ से तेज गति से एक ट्रैक्टर ट्रॉली आई। आरोप है कि चालक ने लापरवाही से तेज रफ्तार चलाते हुए ट्रैक्टर ट्राली से बूटा सिंह की बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही बूटा सिंह सड़क पर गिर गया। उनके देखते ही देखते ट्रैक्टर बूटा सिंह के सिर के ऊपर से निकल गया। ट्रैक्टर से कुचले जाने पर बूटा सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की सूचना पुलिस को दी गई। सदर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में पोस्टमार्टम के बाद परिजनों के हवाले कर दिया।
निर्माण के बाद 50 से अधिक जा चुकी जान
नवनिर्मित नेशनल हाइवे 344 बीते साल 25 अप्रैल को ट्रैफिक के लिए खोला था। तब से लेेकर अब तक हाइवे पर हुए हादसों में 50 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। सबसे अधिक हादसे कैल कलानौर बाईपास पर हुए है। जिसका कारण आसपास के लोग लिंक मार्गों पर अंडर पास या ओवरब्रिज न होना मान रहे है। हालांकि आसपास के लोगों द्वारा कैल कलानौर बाईपास निर्माण के समय लिंक मार्गों पर ओवरब्रिज या अंडरपास बनाने की मांग रखी थी। लेकिन उनकी मांग को अनसुना किया गया। जिसका खामियाजा अब लोगों को अपनी जान गवांकर चुकाना पड़ रहा है।
लिंक मार्गों की क्रॉसिंग पर हो रहे अधिकतर हादसे :
कैल से कलानौर बाईपास पर सबसे अधिक हादसे लिंक मार्गों की क्रॉसिंग पर हो रहे है। नेशनल हाइवे पर वाहन 80 से 150 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलते है। ऐसे में लिंक मार्गों की क्रॉसिंग पर वाहन चालक ब्रेक नहीं लगाते। जिससे लिंक मार्ग और हाइवे से निकल रहे वाहन टकराते है।
यहां हो रहे हादसे :
दुसानी तिगरा लिंक रोड पर तिगरी चौक, करेहड़ा लिंक रोड पर करेहड़ा खुर्द चौक, खजूरी रोड पर करेहड़ा चौक, सुखपुरा के पास, भूत माजरा चौक, सुढल चौक व कैल के पास अधिक हादसे हो रहे है।
नेशनल हाईवे पर सुखपुरा के नजदीक हुए हादसे की सूचना पर पुलिस रात को ही मौके पर पहुंच गई थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करवा दिया गया है। ट्रैक्टर चालक की लापरवाही से हादसा हुआ। मामले में पुलिस ने आरोपी ट्रैक्टर चालक के खिलाफ केस दर्जकर लिया है। आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
- सुखबीर सिंह, एसएचओ, थाना सदर, यमुनानगर।