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खाते में पैसे जमा करवाने के नाम पर डाकघर कर्मचारी ने हड़पे चार लाख

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अधिक ब्याज का लालच देकर एफडी खुलवाने के नाम पर रिटायर्ड फौजी से डाकघर कर्मचारी ने हड़पे चार लाख 82 हजार रुपये
सरकार की नई स्कीम की बात कहकर दिया था झांसा, एफडी खुलवाने को लिए थे पांच लाख 44 हजार रुपये
सालभर पहले मौजिज लोगों के बीच आरोपी कर्मचारी ने स्वीकारी थी धोखाधड़ी, कुछ पेमेंट देकर दिसंबर 2018 तक बकाया देने का लिखित में दिया था ब्यान
- छप्पर थाना क्षेत्र के कलावड़ स्थित डाकघर की घटना

अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। गांव कलावड़ स्थित डाकघर के एक कर्मचारी पर रिटायर्ड फौजी व उसकी पत्नी से एफडी कराने के नाम पर चार लाख 82 हजार रुपये हड़प लिए। आरोपी ने सरकार की नई स्कीम के तहत अधिक ब्याज का लालच देकर डाकखाने में एफडी खुलवाने को कहा। जिसके बाद उनसे पांच लाख 44 हजार रुपये ले लिए। लेकिन साल पूरा होने पर आरोपी ने उनकी एफडी की राशि नहीं दी। जब वे डाकखाने में गए तो उन्हें पता चला कि उनके नाम से कोई एफडी नहीं खोली गई। जिसके बाद रिटायर्ड फौजी ने शिकायत पुलिस को दी। मौजिज लोगों के बीच में बातचीत हुई। जिसमें आरोपी ने उनसे धोखा करना स्वीकार किया और कुछ पेमेंट दे दी। बाकी की चार लाख 82 हजार की रकम नहीं दी। जब उन्होंने आरोपी से अपनी रकम वापस मांगी तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। रिटायर्ड फौजी ने इसकी शिकायत पुलिस को दी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्जकर लिया है।
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आर्मी से सेवानिवृत्त तपड़ापुर निवासी होशियार सिंह ने बताया कि उसने गांव कलावड़ स्थित डाकखाना में सेविंग खाता खुलवाया हुआ है। डाकखाना में गांव खेड़ी निवासी परसोत्तम दास काफी सालों से कर्मचारी है। उन्होंने उसी के कहने पर डाकखाना में अकाउंट खुलवाया था। जिसमें उसने एक लाख 42 हजार रुपये जमा कराए हुए है। वहीं एक सेविंग खाता अपनी पत्नी जसवंती के नाम से खुलवाया हुआ है। जिसमें एक लाख 32 हजार रुपये जमा है। यह राशि उन्होंने प्रतिमाह के हिसाब से जमा करवाई थी। उनका लेनदेन ठीक देख डाकखाना कर्मचारी परसोत्तम दास के मन में लालच आ गया और उन्हें कहने लगा कि यदि वे उनके डाकघर में बड़ी राशि की एफडी करवाते है तो उन्हें सरकार की तरफ से बहुत अधिक मात्रा में ब्याज दिया जाएगा। क्योंकि अब सरकार की भी नई स्कीमें आई हुई है। वह आरोपी की बातों में आ गया और उस पर विश्वास करते हुए उसने जनवरी 2017 में दो लाख 70 हजार रुपये की एफडी करवा ली। जो जनवरी 2018 में पूरी हो गई। इस दौरान 26 दिसंबर 2017 को आरोपी परसोत्तम उनके घर पर आया और उनसे एफडी की कॉपी, रसीदें और अन्य दस्तावेज मांगे। उन्होंने आरोपी पर विश्वास जताते हुए आरोपी को दोनों खातों की कॉपी व अन्य दस्तावेज दे दिए। कुछ दिनों बाद उन्हें पता चल कि आरोपी परसोत्तम दास ने गांव के दूसरे लोगों से भी धोखे से कापियां व रसीदें ली हुई है। पता चलने पर उन्होंने डाकखाना में जाकर अपनी सेविंग की कापियां व एफडी की रसीदों के बारे में जानकारी मांगी। लेकिन उन्हें पता चला कि आरोपी ने उनसे जो राशि ली हुई है उसकी उसने एफडी ही नहीं खुलवाई और न ही उनके सेविंग खाते खोले हुए है। जब उन्होंने इस बारे में आरोपी से बातचीत की तो उसने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। इस तरह आरोपी ने उनसे धोखा करके उनकी पांच लाख 44 हजार रुपये हड़प कर लिए। उन्होंने पांच जनवरी 2018 को इसकी शिकायत थाना छप्पर पुलिस को दी। जिसके बाद 23 फरवरी 2018 को मौजिज लोगों के बीच आरोपी ने उनसे धोखाधड़ी करने की बात स्वीकार की और कुछ राशि उन्हें दे दी और चार लाख 82 हजार रुपये 31 दिसंबर 2018 तक देने के लिए लिखित में हल्फी ब्यान किए। लेकिन इसके बाद आरोपी ने आज तक उनका पैैसा उन्हें नहीं लौटाया। जब उन्होंने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपी ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी। जिसपर उन्होंने थाना में शिकायत की। मामले में पुलिस ने अब आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्जकर लिया है।
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वर्जन
मामले में आरोपी कर्मचारी पर धोखाधड़ी का केस दर्जकर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
- एएसआई सुभाष चंद, जांच अधिकारी, थाना छप्पर।
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