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तीन एकड़ में काटी जा रही कालोनी पर चला पीला पंजा, दूर खड़े तमाशा देखते रहे प्रॉपर्टी डीलर

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तीन एकड़ में काटी जा रही कालोनी पर चला पीला पंजा
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यमुनानगर। डीटीपी विभाग ने गुरुवार को मौजा खेड़ी रांगडान में अवैध रूप से बसाई जा रही कालोनी को तहस नहस कर दिया। डीटीपी की कार्रवाई से इलाके में खलबली मच गई। जेसीबी से डीटीपी विभाग की टीम ने यहां बनी पक्की दीवारों से लेकर प्लाटों की नींव को उखाड़ फेंका। इस दौरान अवैध कॉलोनी काटने वाले डीलर दूर खड़े होकर पीले पंजे को चलते हुए देख रहे थे। इतना ही नहीं वीरवार को जैसे ही जेसीबी लेकर डीटीपी विभाग की टीम मौके पर पहुंची वैसे ही डीलरों के सहायक कर्मचारी मौके पर मौजूद अपना सामान लेकर रफू चक्कर हो गए। इस दौरान तहसीलदार दर्शन कुमार ड्यूटी मजिस्ट्रेट और फर्कपुर थाना पुलिस की टीम भी तैनात की गई। डीटीपी ने यहां 29 डीपीसी, सात चाहरदीवारी और नवनिर्मिट मिट्टी की कच्ची सड़कों को तोड़ दिया।
पहले दिया था नोटिस
डीटीपी विभाग के मुताबिक चूककर्ताओं को नियंत्रित क्षेत्र एक्ट नंबर आठ ऑफ 1975 के तहत नियमानुसार नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन चूककर्ता गुरमेज, मनिंद्र, अर्शदीप चपिंद्र द्वारा आदेशों की पालना नहीं की गई। साथ ही भू मालिकों द्वारा अवैध कॉलोनी की स्थापना करने से पहले आवश्यक अनुमति नहीं ली गई।
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दो दर्जन कॉलोनियां भी निशाने पर
डीटीपी विभाग ने शहर के आसपास करीब दो दर्जन अवैध कॉलोनियों की लिस्ट तैयार कर रखी है। इसके अलावा रादौर, खिजराबाद, बिलासपुर के क्षेत्र में भी कुछ कॉलोनियां विभाग के निशाने पर है। ग्रामीण क्षेत्र में पंचायत विभाग द्वारा कार्रवाई नहीं किए जाने की वजह से कुछ लोगों ने डीटीपी को अवैध कॉलोनी हटाने की शिकायत दी है।
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सीएम विंडो पर शिकायत
नगर निगम एरिया में अवैध कॉलोनी काटने वाले सक्रिय हैं। इसमें कुछ रसूखदार लोगों के अलावा सरकारी कर्मचारियों की भी मिलीभगत है। ये जमीन किसान के नाम होती है और प्लॉट लोगों के काट दिए जाते हैं। कई जमीनों में सड़कें बनती हैं। सीवरेज लाइन भी डालते हैं ताकि लोगों को लगे की सरकार की अनुमति से कॉलोनी कट रही है। हाल ही में एक व्यक्ति ने सीएम विंडो पर शिकायत देकर अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई की मांग भी की थी।
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वर्जन
अभी कई और अवैध कॉलोनी भी निशाने पर हैं। क्षेत्र में किसी भी प्रकार से अवैध कॉलोनियों को बसने नहीं दिया जाएगा और ना ही यहां बिजली-पानी से लेकर सीवरेज व पक्के रास्ते बनने दिए जाएंगे। संबंधित विभागों और निगम को भी पत्र लिखा जाएगा। वहीं राजस्व विभाग के क्षेत्रीय तहसीलदार को भी ऐसी कॉलोनियों की रजिस्ट्रियों पर रोक लगाने संबंधित पत्र भेजेंगे। -अमित कुमार, डीटीपी
फोटो नंबर 24, 25
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