बेलगढ़ में नहीं रुक रहा अवैध खनन, एक जेसीबी व डंपर पकड़ा, बाकी फरार
खिजराबाद। बेलगढ़ में तमाम प्रयासों के बावजूद अवैध खनन का काम रुक नहीं रहा है। खनन माफिया भारी भरकम मशीनों से बीस-बीस फीट के गहरे गड्ढे खोद रहे हैं। इनका नेटवर्क इतना मजबूत है कि अधिकारियों के आने की भनक इन्हें पहले ही चल जाती है। शुक्रवार को खनन विभाग की टीम को सूचना मिली थी कि बेलगढ़ में जेसीबी व डंपरों से अवैध खनन किया जा रहा है। पुलिस को दी शिकायत में खनन रक्षक नारायण ने बताया कि वह बलबीर और हेड कांस्टेबल प्रदीप कुमार के साथ गश्त पर थे। उन्हें सूचना मिली कि यमुना नदी में जेसीबी मशीनों द्वारा बड़े पैमाने पर अवैध खनन किया जा रहा है। सूचना पाकर वे मौके पर गए। उन्हें देखकर माफिया के लोग वहां से भाग खड़े हुए। उन्होंने पीछा करके एक जेसीबी और एक डंपर को पकड़ लिया। जबकि करीब एक दर्जन जेसीबी यूपी की ओर भाग गई। पकड़ी गई जेसीबी और डंफर को खिजराबाद थाने में भेज दिया। पुलिस ने खनन रक्षक की शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ माइनिंग एक्ट के तहत एफआइआर दर्ज की है।
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माफिया नहीं आते हाथ
-खनन विभाग की कार्रवाई की भनक मिलते ही माफिया व उसके कारिंदे मौके से फरार हो जाते हैं। छह महीने के दौरान दर्जनों वाहन तो पकड़े गए, लेकिन अवैध खनन करने के आरोप में कोई आरोपी हाथ नहीं आया। ग्रामीणों का कहना है कि खनन विभाग और पुलिस के अधिकारी मिलीभगत से ये सब गोरखधंधा चलता है। कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति की जाती है। जबकि अधिकारी अपनी जेब गर्म करके माफिया को भागने का मौका दे देते हैं।
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बेलगढ़ में है कीमती खनन
दरअसल बेलगढ़ में कीमती पत्थर है। यहां बेहतर क्वालिटी का क्रशर और बजरपुर बनाया जाता है। कोरसेंट भी यहां का उम्दा बनता है। यहीं वजह से है कि हरियाणा के साथ-साथ यूपी के भी काफी माफिया सक्रिय हैं। जो दिन रात यमुना को खोदने में जुटे रहते हैं और मोटी कमाई करते हैं।
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सरकार को प्रतिदिन करोड़ों का चूना
खनन माफिया रॉयल्टी भी नहीं देते और जीएसटी भी नहीं भरते। ऐसे में सरकार को रोजाना करोड़ों रुपए का चूना लगाया जाता है। इस संबंध में पुलिस, खनन, सिंचाई, पंचायत और टैक्स डिपार्टमेंट के अधिकारी भी सुस्त रहते हैं और उनके पास उनका हिस्सा पहुंच जाता है।
वर्जन
-बेलगढ़ में अवैध खनन की सूचना पर कार्रवाई की गई है। हमारी टीम को देखकर माफिया के लोग भाग गए। एक डंपर व एक जेसीबी को पकड़ा गया है। जिसे सील करके खिजराबाद थाने में भिजवा दिया गया है।-ओमदत्त शर्मा, माइनिंग इंस्पेक्टर
फोटो नंबर 14