लंबे समय से चल रहा फर्जी बिलों से सप्लाई का खेल, करोड़ों के मुनाफे में यहां सभी की हिस्सेदारी
-लोगों का आरोप, पुलिस, खनन और सिंचाई विभाग के अधिकारियों को हिस्सा पहुंचा कर की जा रही है अवैध माइनिंग
-बड़े घोटाले का पर्दाफाश, अमर उजाला ने चेताया था फर्जी बिल पर खनन सप्लाई के बारे में। उच्च अधिकारियों की फटकार मिली तो फिल्ड में उतरे खनन अधिकारी।
-पूरी जांच की जाएं तो कई और फर्जी कंपनियां भी आ सकती हैं पकड़ में
यमुनानगर/खिजराबाद।
फर्जी कंपनी बनाकर रेत बजरी सप्लाई करने का खेल लंबे समय से चल रहा है। फर्जी बिल के जरिए हरियाणा की खनन सामग्री दूसरे राज्यों में सप्लाई हो रही है। इससे प्रदेश सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का चूना लग रहा है। यमुनानगर से सिरमौर के पांवटा होकर उत्तराखंड के लिए खनन सामग्री सप्लाई होती है। माइनिंग माफिया फर्जी कंपनी ही नहीं बल्कि स्टैंप, बिल और एम फार्म भी बना रहे हैं।
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‘अमर उजाला’ ने उठाया था मामला
फर्जी बिल और कम माल का बिल बना कर खनन सामग्री की सप्लाई के बारे में अमर उजाला ने अधिकारियों को चेताया था। अधिकारियों ने इस पर संज्ञान नहीं लिया और जब उसने शाम के वक्त बात की जाती तो ये बहाना बनाया जाता कि पांच बजे के बाद उन्हें कॉल न किया जाएं। इस पर उच्चाधिकारियों ने कड़ा संज्ञान लिया और खनन अधिकारियों को फटकार लगाई।
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रात को भी फिल्ड में उतरे अधिकारी
बुधवार को जिला खनन अधिकारी गुरजीत सिंह, खनन इंस्पेक्टर ओमदत्त शर्मा और खनन रक्षक नारायण सिंह की टीम कलेसर में खनन जोन से आने वाले ट्रकों की जांच करनी शुरू की। उन्होंने बताया कि पांवटा साहिब रोड पर एक ट्रक नंबर एचआर 58 बी 5922 को रोका गया और चालक से रेत का बिल दिखाने के लिये कहा तो उसने मैसर्ज डीआर माइनिंग क्रशिंग कंपनी का बिल दिखाया। उसके साथ एक दस्तावेज माइनरील डीलर लाइसेंस भी दिखाया जो कि खनन विभाग द्वारा जारी किए जाते हैं। जांच करने पर पता चला कि यह खनन विभाग द्वारा जारी नही होना पाया गया।
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मालिक लाता है दस्तावेज
टीम ने ट्रक चालक सादिक निवासी गांव जानीपुर तहसील बेहट यूपी बताया। उसके साथ बैठे व्यक्ति ने अपने आपको ट्रक का मालिक बतलाया व अपना नाम जुहर हसन निवासी गांव अराईयावाला जिला यमुनानगर बताया। चालक ने बतलाया कि यह बिल व दस्तावेज मुझे ट्रक मालिक लाकर देता है।
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सरकार को चूना लगाने की पुष्टि की
जिला खनन अधिकारी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि चालक व मालिक ने फर्जी बिल व फर्जी दस्तावेज को फर्जी कम्पनी के साथ मिलीभगत करके फर्जी दस्तावेज तैयार करके सरकार के साथ धोखाधडी की है व सरकार के राजस्व को भी हानि पहुंचाई है व यमुना नदी से अवैध खनन करके रेत चोरी किया है।