आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए हाईवे पर शव रखकर प्रदर्शन
- बहन बोली, आरोपियों को बचा रहे डीएसपी व विधायक, डीएसपी में हिम्मत है तो मौके पर आकर दिखाए जिंदा जलाकर भेजेंगे
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। रेतगढ़ निवासी पवन की हत्या के बाद परिजन नेशनल हाईवे 344 स्थित घटनास्थल पर शव रखकर जाम लगा दिया। परिजनों पवन के हत्यारों को फांसी दो के नारे लगाकर प्रदर्शन करने लगे। जाम लगने की सूचना मिलते ही डीएसपी हेडक्वार्टर रणधीर सिंह, डीएसपी देशराज पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। दोनों डीएसपी व अन्य एसएचओ ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया। दोपहर 12.30 बजे से शाम साढ़े छह बजे तक जाम खुलवाने के लिए पुलिस अधिकारियों के बारिश में भी पसीने छूट गए, लेकिन परिजन मानने को तैयार नहीं हुए। इसके बाद एसडीएम रादौर पूजा भारती मौके पर पहुंचीं। उन्होंने परिजनों को गिरफ्तारी के लिए शुक्रवार सुबह करीब दस बजे तक का समय मांगा। इसके बाद परिजन शांत हुए और हाईवे से शव उठाने को तैयार हुए।
डीएसपी में हिम्मत है तो मौके पर आकर दिखाए, उसे जिंदा जलाकर ही भेजेंगे
मृतक पवन की बहन रूबी ने कहा कि पुलिस मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं कर रही है। यदि किसी दलित पर केस दर्ज होता तो पुलिस उसे तो क्या, उसके परिजनों को भी उठाकर हवालात में डाल देती। आरोपी को पुलिस बचाने का प्रयास कर रही है। आरोपियों को मौजूदा सरकार के एक विधायक व एक डीएसपी का संरक्षण प्राप्त है। तभी सरकार के दबाव व पुलिस अधिकारी के चलते पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर रही है। रूबी ने डीएसपी हेडक्वार्टर रणधीर सिंह से बोल रही थी कि एक डीएसपी व विधायक आरोपी को बचा रहे हैं। यदि डीएसपी में हिम्मत है तो मौके पर आकर दिखाए, उसे जिंदा जलाकर ही भेजेंगे।
हत्या होने के डेढ़ घंटे बाद पहुंची पुलिस, एंबुलेंस भी नहीं मंगवाई
मृतक के परिजनों ने बताया कि वीरवार रात करीब नौ बजे आरोपियों ने वारदात को अंजाम दिया। सूचना मिलने पर जब वे मौके पर पहुंचे तो आरोपी वहां से फरार हो चुके थे। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। आरोप है कि पुलिस वारदात के डेढ़ घंटे बाद मौके पर पहुंची। आरोप है कि पुलिस ने पवन को अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस भी नहीं मंगवाई। इससे लोग भड़क गए और उन्होंने जाम लगा दिया। उन्होंने पुलिस को एंबुलेंस नहीं मंगवाने की बात लिखित में मांगी तो पुलिस ने एंबुलेंस मंगवाई। इसके बाद पवन के शव को अस्पताल पहुंचाया गया।
पुलिस कार्रवाई करती तो आज ये वारदात नहीं होती
मृतक की बहन सीमा व रूबी ने बताया कि दो माह पूर्व शराब के ठेकेदारों ने उनके ही बच्चों से मारपीट की। इसके बाद जब पवन व अन्य परिजन उन्हें बचाने गए तो आरोपियों ने उनसे भी मारपीट की। इसके बाद पुलिस ने आरोपी शराब ठेकेदारों की शिकायत पर ही कार्रवाई कर पवन व अन्य पर केस दर्ज किया। जबकि उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने समझौता कराने का भी प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने कोई समझौता नहीं करवाया। गांव के लोग चार बार चौकी में गए, लेकिन पुलिस ने उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की। यदि पुलिस तभी कार्रवाई कर देते तो शायद आज यह वारदात नहीं होती। उन्होंने मांग की कि जिस पुलिस कर्मी ने मामले में कार्रवाई करने में ढील बरती है, उस पर भी कार्रवाई की जाए।
परिजनों ने कहा, आरोपियों से मिली हुई है पुलिस
मृतक के परिजनों ने कहा कि पुलिस आरोपियों से मिली हुई है। शराब माफिया के कहने पर पुलिस काम कर रही है। लाठीचार्ज करने के लिए पुलिस लाठियां लेकर आई हैं, लेकिन वे शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे हैं। पुलिस जातिवाद को लेकर भेदभाव कर रही है। यदि किसी दलित को बाइक चालान भी हो जाता है तो उसे घर से उठा लिया जाता है। यदि वह घर नहीं मिलता तो उसके परिजनों को उठा लिया जाता है। उन्हें गिरफ्तार करने के लिए उन्हें साथ ले जाने की बात कही जा रही है। जितनी पुलिस फोर्स उन्हें यहां से उठाने के लिए बुलाई गई है, यदि इतनी फोर्स गिरफ्तारी करने में लगाते तो अब तक पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी होती। लेकिन नीचे से ऊपर तक पैसा चढ़ा हुआ है, तभी पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।
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मामले में पुलिस ने दो शराब ठेकेदारों पर हत्या के आरोप में केस दर्ज किया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें बनाकर दबिश दी जा रही हैं। नेशनल हाईवे जाम करने में अभी किसी के खिलाफ कोई केस दर्ज नहीं किया गया है। पुलिस पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं। पुलिस निष्पक्ष कार्रवाई कर रही है।
- रणधीर सिंह, डीएसपी हेडक्वार्टर, यमुनानगर