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आग में धू-धूकर जला 50 एकड़ जंगल, वन संपदा राख

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आग में धू-धूकर जला 50 एकड़ जंगल, वन संपदा राख
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अमर उजाला ब्यूरो
खिजराबाद। जगाधरी वन रेंज के अंर्तगत आने वाली बेलगढ़ बीट में शुक्रवार शाम आग लग गई। जंगल से धुआं उठता देख लोगों ने वन अफसरों को जानकारी दी, मगर पांच घंटे तक किसी ने फिक्र नहीं की। तकरीबन पांच घंटे बाद अफसर वन विभाग की दमकल के साथ पहुंचे, तब तक काफी बड़े हिस्से तक फैल चुकी थी। वहीं उनकी दमकल आग पर निष्प्रभावी साबित हुई, इस पर अफसर जागे और स्थानीय दमकलों को बुलाया, मगर तब तक देर हो चुकी थी। किसी तरह जब तक आग पर काबू पाया गया, तकरीबन 50 एकड़ जंगल जलकर राख हो गया। इधर, वन अफसरों का कहना है कि किसी ने आग लगाई है।
स्थानीय निवासियों के मुताबिक, शुक्रवार शाम को लगभग पांच बजे बेलगढ़ जंगल से धुआं देखकर लोगों ने वन विभाग के कर्मचारियों व अधिकारियों को सूचित किया, लेकिन रात के दस बजे तक भी मौके पर कोई अधिकारी व कर्मचारी नहीं आया। इस दौरान जंगल में आग धधकती रही और जंगल के काफी हिस्से में फैल गई। जब तक अधिकारी मौके पर आते तब तक आग जंगल के काफी हिस्से में फैल गई थी। इधर, वन विभाग के अफसर अपनी दमकल गाड़ी के साथ पहुंचे और आग बुझाने की कोशिश की, मगर उन्हें नाकामयाबी ही मिली। लगगभग पांच घंटे के बाद आग को बुझाने के लिए चार और दमकल गाड़ियां बुलाई गईं, लेकिन बेलगढ़ में जंगल की ओर जाने वाले रास्ते पर खाइयां खुदी होने के कारण पहले तो ये मौके की ओर जा ही नहीं पाईं, जैसे-तैसे किसी तरह दमकल गाड़ियां जंगल में लगी आग के पास पहुंची तो कुछ हिस्से में पानी डालने के बाद ही दमकल का पानी समाप्त हो गया और आसपास पानी ना मिलने की वजह से दमकल गाड़ियां खड़ी हो गईं। इस बीच करीब 50 एकड़ जंगल आग की भेंट चढ़ गया, इसमें पूले, पेड़-पौधे आदि जले गए। अनुमान के मुताबिक, लाखों रुपये की वन संपदा जलकर राख हो गई। बाद में आठ घंटे की मशक्कत के बाद किसी तरह जंगल की आग पर काबू पाया गया।
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पुलों का हो रहा है ठेका
बेलगढ़ जंगल के जिस हिस्से में आग लगी है उस हिस्से में पुलें अधिक लगे हैं। यदि पुलों में आग लग जाए तो काफी तेजी से फैलती है। इन दिनों जंगल में लगे पुलों की कटाई का काम चल रहा है। बेलगढ़ में खड़े पुलों का विभाग की ओर से ठेका दिया जाता है, जिससे विभाग को राजस्व के रूप में लाखों रुपये मिलते हैं, मगर 50 एकड़ की पुलें जल गईं। इधर, आग में जंगल के जीव जंतुओं को भी भारी क्षति पहुंची है। जब जंगल में आग लगी तब पुलों से लदा ट्रैक्टर जंगल के अंदर ही था और पुले लेकर बाहर निकलने वाला था लेकिन पहिया धंस जाने की वजह से ट्रैक्टर बाहर नहीं निकल पाया। जंगल की आग ट्रैक्टर के पास तक जा पहुंची। बड़ी मुश्किल से ठेकेदार के कारिंदों ने ट्रैक्टर के पास पहुंची आग को बुझाया।
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वन राजिक अधिकारी जगाधरी रेंज के रामपाल ने बताया कि जंगल में लगी आग की उनको सूचना मिल गई थी। वे विभाग की दमकल गाड़ियां लेकर पहुंच गए थे, लेकिन जंगल के रास्ते पर खाइयां खुदी होने के कारण मौके तक पहुंचते-पहुंचते देर हो गई। उनका कहना है कि किसी ने जानबूझकर पुलों में आग लगाई है ताकि ठेकेदार को नुकसान हो सके।
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