एंटी व्हीकल थैफ्ट सेल ने अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह के सदस्यों को चोरी के वाहनों समेत दबोचा है। गिरोह के दोनों सदस्यों ने 18 बाइक चोरी की वारदात कबूली हैं। आरोपी यूपी के अलावा हरियाणा में यमुनानगर व पानीपत को टारगेट बनाने के बाद यूपी के गांव सहशपुर में किराए के कमरे में चोरी की बाइकों को खड़ा कर देते थे। बाद में उनके पार्ट खोलकर बाजार में बेच देते थे।
एंटी व्हीकल थैफ्ट सेल के सहायक उप निरीक्षक रमेश कुमार को 17 जून को सूचना मिली कि दीपक चौहान निवासी गांव भूरा जिला शामली (उत्तरप्रदेश) व मुकेश कुमार निवासी सहशपुर जिला सहारनपुर मिलकर चोरी की गई बिना नंबर प्लेट बाइक को बेचने के लिए यूपी से फतेहपुर (नहर के पुल के पास) होते हुए यमुनानगर आएंगे। एंटी व्हीकल थैफ्ट सेल के इंचार्ज एएसआई रमेश कुमार ने एएसआई ईश्वर सिंह के नेतृत्व में टीम का गठन किया।
टीम ने फतेहपुर पुल के पास नाकेबंदी कर दी, दोनों आरोपियों को मोटरसाइकिल सहित काबू किया। बाइक के बारे में जांच की तो पता चला कि बाइक थाना शहर यमुनानगर के अंतर्गत चोरीशुदा है। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ की तो उन्होंने 18 मोटरसाइकिलें चोरी करना स्वीकार किया।
इनमें से 10 मोटरसाइकिल यमुनानगर के विभिन्न थाना क्षेत्रों से, पांच मोटरसाइकिलें पानीपत व चार उत्तरप्रदेश से चोरी की हैं। आरोपियों ने बताया कि वे मोटरसाइकिल चोरी करके वह गांव सहशपुर उत्तरप्रदेश में किराए के कमरे में खड़ी कर देते थे।