यमुनानगर। चंडीगढ़ सचिवालय में क्लर्क की सरकारी नौकरी दिलवाने के नाम पर तीन लोगों ने बिलासपुर निवासी रमन से दो लाख रुपये ठग लिए। आरोपियों ने उच्च अधिकारियों से अच्छी जान पहचान बताकर युवक को अपने झांसे में फंसाया। इसके बाद उससे रुपये ठग लिए, लेकिन उसकी नौकरी नहीं लगवाई। नौकरी न लगने पर प्रभावित युवक ने इसकी शिकायत पुलिस को दी। पुलिस ने तीनों आरोपियों पर धोखाधड़ी का केस दर्जकर जांच शुरू कर दी है।
बिलासपुर निवासी रमन कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वर्ष 2018 में वह पढ़ लिखने के बाद किसी नौकरी की तलाश में घूम रहा था। इस दौरान उसकी मुलाकात करनाल के इंद्री निवासी कृष्ण लाल, इंद्री के जैनपुर सडान निवासी राजकुमार व कैमला निवासी सुरेंद्र के साथ हो गई। आरोपियों ने उसे बताया कि उनकी बड़े लोगों से अच्छी जान पहचान है। वह उसे चंडीगढ़ सचिवालय में क्लर्क की नौकरी दिलवा देंगे। उन्होंने क्लर्क की नौकरी दिलवाने के एवज में दो लाख रुपये खर्च आने की बात कही। वह आरोपियों की बातों में आ गया और उसने सितंबर 2018 में आरोपियों को दो लाख रुपये दे दिए। उस समय आरोपियों ने उसे दो-तीन महीने में नौकरी दिलवाने का आश्वासन दिया। आरोप है कि वादे के मुताबिक आरोपियों ने ना तो उसे नौकरी दिलवाई और न ही उसके पैसे वापस लौटाए। परेशान होकर उसने आरोपियों के खिलाफ पुलिस में शिकायत कर दी। पुलिस ने पीड़ित रमन कुमार की शिकायत के आधार पर तीनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में मामला दर्ज कर लिया। जांच अधिकारी एएसआई संजीव कुमार का कहना है कि मामले की जांच कर रहे है।