संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। अब पुलिस को ई-साक्ष्य अप पर क्राइम सीन का वीडियो अपलोड करना होगा। सीजर मीमो की वीडियोग्राफी या सर्च से संबंधित वीडियोग्राफी भी ई साक्ष्य एप पर दर्ज की जाएगी। विशेषज्ञों की टीम ने जांच अधिकारियों को इसकी बारीकियों के बारे में बताया।
लघु सचिवालय में रविवार को एसपी राजीव देसवाल की अध्यक्षता में ई-साक्ष्य एप को लेकर एक गोष्ठी हुई। एसपी ने ई-साक्ष्य एप व केश डायरी को लेकर बारीकी से थाना प्रभारियों व चौकी इंचार्ज को जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत के तीन नए कानून लागू हो चुके हैं। जिसके तहत सभी मामलों में साक्ष्यों की वीडियोग्राफी की जानी जरूरी की गई है।
सीन ऑफ क्राइम की वीडियोग्राफी, सीजर मीमो की वीडियोग्राफी या सर्च से संबंधित वीडियोग्राफी ई साक्ष्य एप पर अपलोड की जानी जरूरी हैं।
इस दौरान एक्सपर्ट उमेश कुमार और अमन ने ई साक्ष्य एप से संबंधित विशेष जानकारी दी। एसपी ने पर्यवेक्षक अधिकारियों, प्रबंधक थाना, चौकी इंचार्ज, यूनिट प्रभारी व अनुसंधान अधिकारियों को इस एप पर मामलों से संबंधित जुड़े साक्ष्यों की वीडियो अपलोड करने व केस डायरी के बारे में स्पष्ट किया व थानों में पेंडिंग शिकायतों का निपटारा तीन दिन में करने की हिदायत दी।