यमुनानगर के गांव बाकरपुर में बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा को लेकर चल रहा विवाद में शनिवार को प्रशासन की टीम एक बार फिर प्रतिमा को हटाने के लिए पहुंची। टीम ने प्रतिमा को हटाया तो ग्रामीणों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। इसको लेकर पुलिस व ग्रामीणों के बीच हलकी धक्का-मुक्की तो हुई, वहीं जब प्रतिमा को गांव की चौपाल में रखने के लिए ले जाया जा रहा था तभी कुछ ग्रामीण गाड़ी के आगे लेट गए। इस पर पुलिस ने उन्हें जबरन उठाया। इसके बाद प्रतिमा को गांव की ही एक चौपाल में रखवा दिया गया है। पुलिस ने दर्जनभर ग्रामीणों को हिरासत में भी लिया है।
उधर, ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन ने सहमति के लिए सात दिन का समय दिया था। इसके बावजूद भी प्रतिमा को हटाया गया है। मामला बूड़िया थाना क्षेत्र के गांव बाकरपुर का है।
गांव में तालाब की जमीन पर बाबा साहेब की प्रतिमा स्थापित की गई थी। लेकिन, कुछ दिन पहले कोर्ट ने तालाब की जमीन से प्रतिमा को हटाने का आदेश दिया था। चार दिन पहले प्रशासन की टीम प्रतिमा को हटाने के लिए पहुंची थी। जिसका ग्रामीणों ने विरोध किया था। इसके बाद टीम चारदीवारी तोड़ कर वहां से लौट आई थी। इसके बाद डीडीपीओ की अध्यक्षता में एक बैठक हुई थी। जिसमें प्रतिमा को दूसरे स्थान पर रखने की बात हुई थी। शनिवार को डीडीपीओ नरेंद्र सिंह व डीएसपी राजीव मिगलानी फोर्स के साथ गांव में पहुंचे और प्रतिमा को विवादित जमीन से हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी।
पुलिस के साथ हलकी धक्का-मुक्की
जैसे ही टीम ने कार्रवाई शुरू की तो तुरंत ही ग्रामीणों की भीड़ मौके पर पहुंच गई और विरोध शुरू कर दिया। इसी बीच प्रशासन की टीम प्रतिमा को हटाकर गांव की चौपाल में रखवाने लगी तो ग्रामीणों ने इसका विरोध शुरू दिया। इसी बीच ग्रामीणों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। ग्रामीणों ने प्रतिमा को चौपाल भवन में रखने पर आक्रोश व्यक्त किया। हालांकि, विरोध के बावजूद भी पुलिस टीम ने प्रतिमा को गांव की चौपाल में रखवा दिया।
दर्जन भर से अधिक लोग हिरासत में लिए
प्रशासन की टीम ने विरोध कर रहे ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन, लोग अपनी जिद पर अड़े रहे। इसके बाद पुलिस ने दर्जनभर महिला और पुरुषों को हिरासत में ले लिया। सभी को थाने पर लाया गया। पूर्व सरपंच का कहना है कि प्रशासन ने सात दिन का समय दिया था। लेकिन, समय से पहले ही प्रतिमा को हटाने की कार्रवाई की गई है।
क्या कहते हैं अधिकारी
अदालत ने तालाब की जमीन से प्रतिमा को हटाने के आदेश दिए थे। प्रतिमा को हटाकर सुरक्षित चौपाल भवन में रखवा दिया गया है। कुछ लोगों ने कार्रवाई का विरोध किया था। जिन्हें समझाकर शांत करा दिया गया है। गांव में शांति है।
-नरेंद्र सिंह, डीडीपीओ यमुनानगर।