यमुनानगर। मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल से अब तक लाखों रुपये का सामान चोरी हो चुका है। अस्पताल के हर कोने पर निगरानी रखने के लिए 50 से ज्यादा सीसीटीवी लगे हुए हैं मगर इन सीसीटीवी से अस्पताल में निगरानी करने वाला कोई नहीं है।
स्वास्थ्य विभाग की यह लापरवाही न केवल यहां उपचार के लिए आने वाले मरीजों बल्कि सरकारी खजाने पर भी भारी पड़ रही है। इससे भी ज्यादा हैरान करने वाली बात तो यह है कि सीसीटीवी का कंट्रोल रूम अस्पताल के बेसमेंट में बनाया गया है, जहां कोई अकेला व्यक्ति दिन में भी जाने से कतराता है।
जिले के डीसी, एसपी, कृषि विभाग, डीएफएससी, बिजली निगम के एसई, नगर निगम समेत जितने भी अधिकारी हैं, उन सभी के कार्यालय में सीसीटीवी लगे हैं उन सभी का कंट्रोल रूम मुख्य अधिकारियों ने अपने कार्यालय में रखा हुआ है। वहां बड़ी स्क्रीन पर सीसीटीवी की फुटेज दिखती रहती है। इससे अधिकारी अपने कार्यालयों के स्टाफ व गतिविधियों पर नजर रखते रहते हैं। जिला नागरिक अस्पताल में ऐसा नहीं है। यहां कंट्रोल रूम सिविल सर्जन, पीएमओ के कार्यालय में न होकर बेसमेंट में बनाया गया है। उस पर भी ताला लगा हुआ है।
स्वास्थ्य विभाग के प्रशासनिक खंड में जिला नागरिक अस्पताल की पीएमओ डॉ. नवजोत कौर, सिविल सर्जन डॉ. मंजीत सिंह के अलावा कई डिप्टी सिविल सर्जन कार्यालयों में बड़ी एलईडी लगी हुई है। परंतु यह एलईडी सारा दिन बंद रहती हैं या फिर इनमें भजन चलते रहते हैं।
इमरजेंसी स्टाफ को जिम्मेदारी दी है : नवजोत कौर
जिला नागरिक अस्पताल की पीएमओ नवजोत कौर का कहना है कि सीसीटीवी का कंट्रोल रूम अस्पताल में कहां बना हुआ है इसकी जानकारी नहीं है। सीसीटीवी कंट्रोल रूम की ड्यूटी बदल कर अब इमरजेंसी स्टाफ को दी गई है। कंट्रोल रूम कहां बनाया जा सकता है इसके बारे में डॉक्टरों से सलाह करेंगी।
दोनों आरोपी भेजे जेल
जिला नागरिक अस्पताल में चोरी करने के आरोप में स्वीपर रोहन व रजनीश को गिरफ्तार किया गया था। दोनों से दो ऑक्सीजन सिलिंडर भी बरामद किए गए हैं। रामपुरा चौकी इंचार्ज का कहना है कि दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। कुछ और कर्मचारियों के नाम दोनों ने बताए हैं। उनसे भी पूछताछ की जाएगी।
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