यमुनानगर। सरस्वतीनगर के अकबरपुर गांव में 30 बेड की नई सीएचसी (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) में उपचार कराना लोगों का सपना बनकर ही रह गया। जिसस ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दूर दराज की दौड़ लगाने को मजबूर हैं।
सीएचसी निर्माण का आधा काम कर चुके ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट किए जाने के बाद दो साल से इसका काम बंद पड़ा है। अब जल्द ही इसका निर्माण कार्य पूरा होने की उम्मीद जगी है। इसके लिए पीडब्ल्यूडी ने सीएचसी का निर्माण पूरा करने के लिए रि-टेंडर लगाया है। वर्क अलॉट होने के बाद एजेंसी को एक साल में निर्माण पूरा करना होगा।
अकबरपुर गांव में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने वर्ष 2018 में सीएचसी का नया भवन बनाने की घोषणा की थी। 2019 में इसके लिए 5.72 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी मिली। 4.94 करोड़ रुपये में वर्क एग्रीमेंट होने के बाद ठेकेदार ने मार्च 2020 में सीएचसी के नए भवन का निर्माण शुरू कर दिया। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार ठेकेदार ने शुरुआत में निर्माण कार्य तेजी से किया।
जिससे माना जा रहा था कि निर्माण समय पर पूरा हो जाएगा। आरोप है कि ठेकेदार ने अन्य जगह पर भी कोई काम शुरू कर रखा था। जिस कारण वह सीएचसी का निर्माण पूरा नहीं कर सका। इसलिए दो साल से काम अधर में लटका पड़ा है। ठेकेदार ने पिलर खड़े करके ऊपर लेंटर डाल दिया। उस समय तक करीब 1.99 करोड़ रुपये स्वास्थ्य विभाग जारी कर चुका था। ग्रामीण अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहे थे क्योंकि सीएचसी के लिए पंचायत की जमीन भी चली गई और इसका निर्माण भी पूरा नहीं हो पाया।
कई किलोमीटर जाना पड़ता है दूर : अकबरपुर गांव में फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की तरफ से सब सेंटर चलाया जा रहा है। जिसमें लोगों को बुखार, बदन दर्द समेत अन्य छोटी-मोटी बीमारी की दवा ही मिल पाती है। इसके आगे का उपचार कराने के लिए उन्हें सरस्वतीनगर या फिर यमुनानगर के अस्पताल में आना पड़ता है जो कई किलोमीटर दूर पड़ता है। इससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। काफी समय से लोगों द्वारा इसका निर्माण पूरा कराए जाने की मांग की जा रही थी। इसलिए अब 3.28 करोड़ रुपये का दोबारा टेंडर लगाया गया है ताकि काम पूरा हो सके।