संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। पूर्व कैबिनेट मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में पार्टी को अपनी कार्यप्रणाली और नेतृत्व को लेकर गंभीरता से आत्ममंथन करने की जरूरत है। कांग्रेस में जमीनी कार्यकर्ताओं की आवाज सुनने वाला कोई नहीं है और लगातार गुटबाजी व आपसी खींचतान का माहौल बना हुआ है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की कमजोर नीतियों और अंदरूनी विवादों के कारण कार्यकर्ता और जनता उससे लगातार दूर हो रहे हैं। कांग्रेस के काले कपड़े पहन कर किए जा रहे विरोध-प्रदर्शनों पर उन्होंने कहा कि केवल विरोध करने से जनता की समस्याओं का समाधान नहीं होता। राजनीति में जनता के बीच जाकर काम करना और उनकी समस्याओं का समाधान करना अधिक महत्वपूर्ण है।
कंवरपाल गुर्जर ने कहा कि जनता अब विरोध की राजनीति के बजाय विकास और काम चाहती है। लोग यह देखना चाहते हैं कि उनके लिए कौन काम कर रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता की कार्यशैली का उल्लेख करते हुए कहा कि भाजपा में संगठन और कार्यकर्ताओं को महत्व दिया जाता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का फोकस विकास और जनकल्याण पर है। राजनीति में जनता सबसे बड़ी ताकत है। कांग्रेस को दूसरों पर आरोप लगाने के बजाय पहले अपने भीतर झांकने की जरूरत है।