संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। यमुना नदी के आसपास क्षेत्र के गन्ने को लेकर यूपी और हरियाणा की चीनी मिलों के बीच तकरार बढ़ती जा रही है। यूपी के सहारनपुर की सरसावा चीनी मिल प्रबंधन ने शुगर मिल यमुनानगर प्रबंधन पर गन्ने की अवैध खरीद के आरोप लगाए हैं। मिल प्रबंधन के खिलाफ यूपी के सरसावा थाने में केस भी दर्ज किया गया है। उधर, यमुनानगर चीनी मिल प्रबंधन का कहना है कि हरियाणा के किसानों की जमीन यूपी की सीमा में हैं। जहां से किसान अपना गन्ना लेकर आते हैं। आरोप पूरी तरह से निराधार हैं।
हरियाणा के यमुनानगर और यूपी के सहारनपुर के बीच यमुना नदी सीमा का काम करती है। हरियाणा के तीन गांव यमुना नदी पार कर यूपी की ओर है। जहां से किसान अपने गन्ने की सप्लाई यमुनानगर की सरस्वती शुगर मिल को करते हैं। इसके साथ ही कुछ किसान यूपी के क्षेत्रों से भी गन्ना लेकर आते हैं।
करीब पांच दिन पहले यूपी की सरसावा की सहकारी चीनी मिल प्रबंधन ने बॉर्डर पर गन्ने की कुछ ट्राली पकड़ी थी। सभी ट्राली यूपी की सीमा से यमुनानगर लाई जा रही थी। मिल अधिकारी ट्रालियों को लेकर थाने पहुंचा। वहां पर सरसावा सहकारी चीनी मिल के सचिव इंद्रमणि पांडेय की शिकायत पर किसानों और यमुनानगर की शुगर मिल प्रबंधन के खिलाफ केस दर्ज कराया है। उनका आरोप था कि चीनी मिल प्रबंधन की ओर से यूपी का गन्ना अवैध तरीके से खरीदा जा रहा है। पुलिस ने आवश्यक सेवा वस्तु अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है। उधर, सरस्वती शुगर मिल यमुनानगर के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (गन्ना) डीपी सिंह का कहना है कि हरियाणा के किसानों की यूपी में जमीन है। वहां पर उन्होंने गन्ने की खेती की है।
कुछ गांव भी यमुना नदी पार यूपी की ओर हैं। वहां से किसान गन्ना लेकर आते हैं। कुछ किसानों को सरसावा चीनी मिल ने पकड़ा था, जिनके पास अपनी पर्ची थी। अवैध रूप से गन्ना खरीदने के आरोप पूरी तरह से निराधार हैं। इस मामले को लेकर दोनों मिलों के बीच बात हो चुकी है।