संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। लालडोरा व आबादी देह में दस साल से काबिज लोगों को उनकी संपत्ति के प्रमाणपत्र दिए जा रहे हैं, पर इसके लिए दस्तावेज पूरे करना टेढ़ी खीर बन गया है। हालांकि नगर निगम की ओर से गांव-गांव जाकर दस्तावेज लेने व उनकी जांच के लिए शिविर लगाए जा रहे हैं, पर इनमें दस्तावेज जमा कराने वालों में काफी लोगों के दस्तावेज पूरे नहीं मिल रहे।
ऐसे ही सोमवार को वार्ड तीन के गांव माधुवाला, तेलीपुरा, उधमगढ़ में लगे शिविर में 109 लोगों में से 58 के ही दस्तावेज पूरे मिले। ऐसे ही पहले लगे शिविरों में भी देखने में आ चुका है। माधुवाला के 68, तेलीपुरा के 11 व उधमगढ़ के 30 संपत्ति धारकों ने संपत्ति प्रमाणपत्र लेने को दस्तावेज जमा कराए।
मौके पर माधुवाला के 37, तेलीपुरा के पांच व उधमगढ़ के 16 संपत्ति धारकों के दस्तावेज दुरुस्त मिले। कुछ लोगों द्वारा पूरे दस्तावेज नहीं दिए गए। जबकि कुछ के दस्तावेजों में कमियां पाई गईं। इस पर निगम अफसरों द्वारा संपत्ति धारकों को दस्तावेज पूरे करने व दस्तावेजों में मिली कमियां दूर करने के लिए कहा गया। शिविर के दौरान कमेटी सचिव एवं निगम अभियंता मुनेश्वर भारद्वाज, पटवारी एवं कमेटी सदस्य कुलदीप कुमार, संजीव कुमार, सुमन, अरुण शर्मा व अन्य की टीम मौजूद रही।
ये दस्तावेज जरूरी
आबादी देह व लाल डोरा की संपत्तियों का प्रमाण पत्र लेने के लिए संपत्ति धारक को राजस्व विभाग द्वारा सत्यापित आबादी व लाल डोरा का शपथ पत्र, पिछले दस साल का बिजली बिल या पानी का बिल, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट, जीएसटी सर्टीफिकेट, वोटर कार्ड, कब्जा प्रमाण पत्र, प्रॉपर्टी टैक्स की रसीद, निर्माणाधीन नक्शा प्रमाण पत्र में से कोई दो दस्तावेज, सेलडीड, कन्वेयन्स डीड, रिलीज डीड, जमाबंदी, फर्द, राजस्व विभाग द्वारा सत्यापित डिक्री, रजिस्ट्री और राजस्व विभाग द्वारा जारी वारसान रिपोर्ट दस्तावेज जरूरी है। इन दस्तावेजों को जुटाने में लोग सीएससी व विभागों के कार्यालयों में चक्कर काट एड़िया घिसा रहे हैं। कई लोग काफी मशक्कत बाद भी जरूरी दस्तावेज नहीं जुटा पा रहे, जिससे उन्हें संपत्ति प्रमाण पत्र लेने में परेशानी आ रही है।
कमेटी सचिव व अन्य कर्मियों को निर्देश हैं कि संपत्ति धारकों के दस्तावेज की सही तरीके से जांच करें। जिनके दस्तावेज पूरे व दुरुस्त हैं, उनके प्रमाण पत्र जल्द से जल्द तैयार किए जाएं। साथ ही जिनके दस्तावेज पूरे नहीं या उनमें कमियां हैं, उनके लिए संपत्ति धारकों को दस्तावेज पूरे व सही करने के लिए कहा जा रहा है। - आयुष सिन्हा, आयुक्त, नगर निगम।