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Yamuna Nagar News: डीएल क्लर्क की शिकायतें, एसडीएम ने खंगाली फाइलें

Tue, 25 Feb 2025 11:59 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। रजिस्ट्रेशन अथॉरिटी जगाधरी की ड्राइविंग लाइसेंस लिपिक पर पैसे लेकर लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस बनाने की जांच मंगलवार को शुरू हो गई। एसडीएम जगाधरी सोनू राम शिकायतों की जांच करने के लिए खुद ई-दिशा केंद्र में गए। लर्निंग लाइसेंस, स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन पंजीकरण से लेकर रिन्यू तक करने की प्रक्रिया को समझा।
वहीं एक-एक फाइल को उठाकर जांच की। जांच के दौरान किसी भी फाइल पर कोई विशेष निशान नहीं मिला, जिससे स्टाफ के भ्रष्टाचार में संलिप्त होने के सबूत मिल सकें। दरअसल दो वकीलों ने सीएम विंडो पर शिकायत देकर एसडीएम जगाधरी कार्यालय की डीएल क्लर्क पर आरोप लगाए थे कि वह लोगों के लर्निंग व स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के लिए रिश्वत लेती हैं।
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जिन लोगों से पैसे लेने होते हैं उनकी फाइलों पर विशेष प्रकार के निशान लगा दिए जाते हैं। लोगों से पैसे लेने के लिए राहुल नाम के एक युवक को रखा गया है। वहीं लाइसेंस बनवाने वालों की जब ट्राई ली जाती है तो उसमें भी हेराफेरी की जाती है। जिन लोगों से डीएल बनवाने के पैसे लिए जाते हैं उन्हें मौके पर बुलाया ही नहीं जाता। उनके डीएल बिना ट्राई लिए ही बना दिए जाते हैं।
ऐसे में दोनों वकीलों की शिकायत की जांच करने के लिए एसडीएम सोनू राम मंगलवार को ई-दिशा केंद्र में पहुंचे। उनके साथ जिला बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान पवन पूनिया, पूर्व सीनियर डिप्टी मेयर पवन बिट्टू, भाजपा नेता कमल मलिक भी थे। सभी ने सबसे पहले टोकन देने की प्रक्रिया को जाना। यहां मौजूद कर्मचारी ने बताया कि चार काउंटरों पर डीएल, वाहन नवीनीकरण समेत अन्य कार्य हो रहे हैं।
टोकन को किसी एक विशेष काउंटर पर न भेज कर सभी के पास भेजा जाता है। टोकन मिलने के बाद आवेदक अपनी फाइल लेकर अंदर जाता है। काउंटर पर मौजूद कर्मचारियों ने एसडीएम को बताया कि सरकार के आदेशानुसार लोगों से ऑनलाइन फीस ही ली जा रही है। इसके बाद एसडीएम ने क्लर्क के पास पहुंची सभी फाइलों की जांच की।
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एसडीएम सोनू राम ने बताया कि क्लर्क के खिलाफ दो शिकायतें उनके पास आई थी। जांच में पारदर्शिता के लिए इसमें बार एसोसिएशन जगाधरी के पूर्व प्रधान व अन्य जिम्मेदार लोगों को भी शामिल किया गया। एक-एक फाइल की जांच की गई। प्रारंभिक जांच में कुछ भी गलत नहीं मिला है। ई-दिशा केंद्र में सीसीटीवी के ठीक से से काम नहीं करने का पता चला है। इन्हें ठीक करके रिकॉर्डिंग करने बारे में वह जिला सूचना अधिकारी को पत्र लिखेंगे।
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