बिलासपुर। कस्बे के पंजाब नेशनल बैंक में मजदूर ने अपने बचत खाता में पौने दो लाख रुपये जमा करवाए। जब रुपये निकालने बैंक गया तो पता चला की खाते में केवल 15 हजार रुपये ही जमा हुए हैं। इसके बाद पीरूवाला गांव का मजदूर सरदारी लाल शुक्रवार को किसान यूनियन के जिला उपाध्यक्ष गुरमेज सिंह कपूरी, सतिंद्र सिंह फेरूवाला, गुरविंद्र सिंह चंगनौली, नीरज कपूरी व अन्य किसानों के साथ पीएनबी शाखा में पहुंचा। वहां पर कर्मचारियों की तरफ से संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर किसान यूनियन के सदस्य भड़क गए और वह बैंक के गेट के आगे दरी बिछाकर बैठ गए। इस दौरान उन्होंने बैंक विरोधी नारेबाजी की। कुछ देर बात बैंक मैनेजर गुरचरण सिंह ने मौके पर पहुंच कर किसान नेताओं को समझाने का प्रयास किया लेकिन वह उनकी बात से सहमत नहीं हुए। किसानों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सोमवार तक सरदारी लाल के बाकी के रुपये नहीं मिले तो बैंक को ताला लगाकर गेट पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया जाएगा।
सरदारी लाल ने बताया कि उसने कुछ माह पहले पीएनबी में बैठे कर्मचारी के पास पौने दो लाख रुपये जमा करवाए थे। अब उसे रुपये की जरूरत थी तो वह बैंक में गया। उसे बताया गया कि उसके खाते में तो इतने रुपये हैं ही नहीं। जो राशि उसने जमा कराई थी उसमें से केवल 15 हजार रुपये ही उसके खाते में आए थे। बाकी के 1.60 लाख रुपये खाते में जमा ही नहीं हुए। वह काफी समय से रुपये के लिए बैंक के चक्कर काट रहा हैं। उसे आज-कल कहकर टाल दिया जाता हैं।
कंपनी के कर्मचारी ने लगाई चपत : गुरचरण सिंह
पीएनबी के मैनेजर गुरचरण सिंह ने बताया कि बैंक के साथ रेलीसेक कंपनी अटैच हैं। इसी कंपनी के कर्मचारी बैंकों में या बैंकों के आसपास बैठकर लेनदेन का कार्य करते हैं। इस कंपनी का एक कर्मचारी बिलासपुर पीएनबी में बैठकर लोगों के रुपये जमा करता था। सरदारी लाल ने उसी कर्मचारी के पास रुपये जमा कराए थे। कर्मचारी ने मजदूर को रुपये जमा करने की रसीद तो दी, परंतु उसके खाते में जमा नहीं किए। उन्हें जब इस बारे पता चला तो उन्होंने अपने स्तर पर जांच कराई। जांच में पता चला है कि इसी तरह कर्मचारी ने कई लोगों के साथ धोखाधड़ी की है। जिस पर उन्होंने तुरंत कंपनी को मेल भेजकर सूचित किया। कर्मचारी की जांच कर मजदूर के जमा किए गए रुपये दिलाने व कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उनकी या उनके बैंक की तरफ से किसी तरह की हेराफेरी नहीं की गई हैं। यह रेलीसेक कंपनी के कर्मचारी से जुड़ा मामला है। उसके खिलाफ जांच व कार्रवाई कंपनी को ही करनी है। बैंक सरदारी लाल की हर प्रकार की मदद के लिए तैयार हैं।