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Yamuna Nagar News: पहली सिख राजधानी लोहगढ़ को विकसित करने के लिए कमेटी गठित

Fri, 06 Dec 2024 02:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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बिलासपुर। अदम्य साहस व त्याग की प्रतिमूर्ति व सिख साम्राज्य की पहली राजधानी बनाने वाले बंदा बहादुर द्वारा मुगलों से लोहा लेने के लिए मजबूत किले के रूप में बसाई नगरी लाेहगढ़ पुरातात्विक एवं ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। हिमाचल प्रदेश की सीमा से सटा लोहगढ़ बाबा बंदा सिंह गुरुद्वारा सिख साम्राज्य की पहली राजधानी के रूप में मशहूर रहा है।
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इसलिए प्रदेश सरकार ने लोहगढ़ परियोजना विकास समिति का गठन किया है। सरहिंद विजय के बाद वर्ष 1719 में बंदा बहादर ने सदूर सुनसान स्थान पर स्थित मुखनीसपुर नामक जगह को अपनी नई राजधानी बनाने का फैसला किया था। यहां एक किला पहले से स्थापित है। बंदा बहादुर ने सुरक्षा करणों से इसमें परिवर्तन करके लोहगढ़ नाम दिया था।
महत्वाकांक्षी लोहगढ़ विकास परियोजना लोहगढ़ स्मारक स्थल को विशाल परिसर में विकसित करेगी। समिति लोहगढ़ में बाबा बंदा सिंह बहादुर स्मारक केंद्र के कार्य की प्रगति की निगरानी करेगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने यमुनानगर जिले के लोहगढ़ में बाबा बंदा सिंह बहादुर स्मारक केंद्र के कार्य की प्रगति की निगरानी के लिए उच्चस्तरीय लोहगढ़ परियोजना विकास समिति के गठन को स्वीकृति दी है।
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समिति में यह होंगे शामिल समिति के केंद्रीय ऊर्जा, आवास एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल समिति के मुख्य संरक्षक होंगे। जबकि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी अध्यक्ष होंगे। मुख्यमंत्री के ओएसडी डॉ. प्रभलीन सिंह समिति के सदस्य सचिव होंगे। समिति के अन्य सदस्यों में पर्यटन एवं विरासत मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा, पूर्व कैबिनेट मंत्री कंवरपाल, मुख्यमंत्री मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, पूर्व सांसद तरलोचन सिंह, सिख इतिहासकार एवं पंजाबी विश्वविद्यालय पटियाला के पूर्व कुलपति डॉ. जसपाल सिंह, विरासत एवं पर्यटन विभाग के प्रधान सचिव, हरियाणा राज्य जैव विविधता बोर्ड अध्यक्ष रणदीप सिंह जौहर, यमुनानगर के डीसी, हरियाणा पर्यटन निगम प्रबंध निदेशक और सिग्मा समूह के अध्यक्ष जगदीप एस. चड्ढा शामिल हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने रखी विकास कार्य की आधारशीला : लोहगढ़ को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए प्रदेश सरकार ने कार्य करने शुरू कर दिए हैं। पहले चरण में लोहगढ़ को मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए गुरुद्वारा के पास से बह रही नदी पर लगभग आठ करोड़ की लागत से पुल व सवा दो किलोमीटर की सड़क का निर्माण करवाया गया है। अब लोग सीधा बिलासपुर रणजीतपुर मार्ग से गांव भगवानपुर होते हुए अपने वाहनों से लोहगढ़ पहुंच सकते हैं।
बरसात में भी लोहगढ़ पहुचंने में दिक्कत आती थी, लेकिन विकास को गति मिली है। सरकार द्वारा लोहगढ़ में बाबा बंदा सिंह बहादर की प्रतिमा को स्थापित की गई है। पिछले दिनों प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने लोहगढ़ को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने के लिए मास्टर प्लान तैयार कर विकास कार्य करवाने के लिए बैठक ली थी। लोहगढ़ के विकास को लेकर प्रदेश सरकार के द्वारा गांव भगवानपुर की पंचायत से बीस एकड़ भूमि का अधिग्रहण करके पर्यटन विभाग के कला एवं सांस्कृतिक विकास विभाग को दी है।
यह है इसका उद्देश्य : दो चरणों में शुरू होने वाली इस परियोजना का उद्देश्य स्मारक स्थल के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व को फिर से जीवंत करना है। पहले चरण में किले, मुख्य द्वार और परिसर की चहारदीवारी बहाल करने और उसे बेहतर बनाया जाएगा। यह परिसर 20 एकड़ में विकसित किया जाएगा। स्थल पर अत्याधुनिक संग्रहालय का निर्माण होगा।
संग्रहालय में बाबा बंदा सिंह बहादुर से जुड़ी जीवन गाथा को नवीनतम तकनीकी नवाचारों के साथ मिलाकर आगंतुकों को इतिहास और आधुनिकता के बीच की दुनिया में ले जाया जाएगा। इस स्थान पर बाबा बंदा सिंह बहादुर के जीवन का सार, उनके जन्म से लेकर उनके अंतिम दिनों को जीवंत रूप से चित्रित किया जाएगा। बाबा बंदा सिंह बहादुर की विशाल प्रतिमा स्मारक परिसर का आकर्षक केंद्र बिंदु बनेगी।
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