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Yamuna Nagar News: आढ़ती अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा, मंडियों में व्यवस्था बने मजबूत

Mon, 30 Sep 2024 12:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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संवाद न्यूज एजेंसी
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जगाधरी। विधानसभा चुनाव को लेकर अनाजमंडी के आढ़ती बेहद उत्साहित व गंभीर हैं। अनाजमंडी में आढ़तियों में रोजाना चुनाव को लेकर चर्चाएं हो रही हैं। अपनी समस्याओं, मांगों सहित मंडी में मिलने वाली सुविधाओं को लेकर सभी अपने विचार रख रहे हैं। अपना प्रत्याशी चुनने को लेकर आपसी मंत्रणा का दौर चल रहा है।
आढ़तियों का कहना है कि किसी प्रलोभन में फंस कर नहीं बल्कि अपने विवेक से स्वच्छ छवि के प्रत्याशी का चुनाव कर विधानसभा भेजे जाएंगे। निर्वाचित प्रतिनिधि उनकी आवाज सदन में उठाएगा। आढ़ती व किसान एक सिक्के के दो पहलू हैं और हमारे देश की अर्थव्यवस्था खेेती किसानी से जुड़ी हुई है। किसानों व आढ़तियों को अपना हक लेने के लिए आंदोलन करना पड़ रहा है। ऐसा कमजोर प्रतिनिधित्व के कारण होता है। प्रतिनिधि आढ़तियों, किसानों के साथ सभी लोगों की समस्याएं समझने व उनका समाधान करवाने वाला होना चाहिए। तभी जिला व प्रदेश उन्नति कर सकेगा। इसे लेकर आढ़तियों ने अपने विचार साझा किए।
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मंडियों में सुविधाओं की दरकार : संधाला

आढ़ती एसोसिएशन प्रधान शिव कुमार संधाला ने कहा कि मंडी से सरकार को हर साल करोड़ों रुपये की आमदनी होती है। परंतु इसके विपरीत मंडियों में आढ़तियों के लिए सुविधाओं का अभाव है। यही नहीं मंडी में आने वाले किसानों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। सरकार व विभाग के काम केवल कागजों तक सीमित रहते हैं। कई मंडियों में मूल सुविधाएं तक नहीं है। प्रतिनिधि उनकी आवाज सदन में उठाए।

आढ़तियों में भय का माहौल : मनीष

जगाधरी अनाजमंडी प्रधान मनीष कुमार ने बताया कि आढ़तियों में भय व दहशत का माहौल है। प्रदेश में अपराध इतना बढ़ गया है कि आढ़ती काम तक नहीं कर पा रहे हैं। फिरौती, धमकी, चौथ इत्यादि से आढ़तियों में दहशत है। सरकार को इस पर अंकुश लगाना चाहिए। आए दिन कहीं न कहीं ऐसा मामला सुनने को मिलता है। सरकार को इस दिशा में काम करने की जरूरत है। इसके लिए कड़े नियम व कानून बनाने की आवश्यकता है।

विभाग की दखलांदाजी हो कम : चहल

आढ़ती नवनीत चहल ने कहा कि आढ़ती व किसानों का व्यापारिक संबंध सदियों से चला आ रहा है। यह हमारी परांपरिक व्यवस्था का हिस्सा है। परंतु इसमें अधिकारिक दखल बहुत ज्यादा होती जा रही है। वहीं, खरीद फरोख्त के नियम भी कड़े होते जा रहे हैं। जिससे काम करने में परेशानी हो रही है। सरकार को नियमों में बदलाव करना चाहिए, जिससे आधिकारिक दखल कम हो। किसान व आढ़ती सरलता से काम कर सकें। प्रतिनिधि उनकी समस्याएं सदन में उठाएं।
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मजबूत की जाए मंडी व्यवस्था : बंसल

आढ़ती शिव कुमार बंसल ने कहा कि मंडियां देश की अर्थव्यवस्था का मजबूत हिस्सा है। सरकार को इसे बढ़ाने व मजबूत करने के लिए काम करना चाहिए। इसके लिए कल्याणकारी योजनाएं बनानी चाहिए। नियमों का सरलीकरण करना चाहिए। व्यवस्था में सुधार होने से अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा। प्रतिनिधियों को अपनी मंडियों का दौरा कर आढ़तियों की समस्याएं जानकर उनका समाधान करवाना चाहिए। ऐसा करके ही कृषि प्रधान हरियाणा तरक्की करेगा।
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