संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। गत वर्ष 67 शहरी कॉलोनियों पर वैध का ठप्पा लगा, पर अधिकांश में विकास कार्य नहीं लग पाए। जहां पहले अवैध होने के कारण कॉलोनियों का विकास नहीं हो पा रहा था, वहीं अब आचार संहिता से काम नहीं हो रहे हैं। हालांकि उक्त कॉलोनियों में से कईयों में गलियों-नालियों व अन्य निर्माण कार्यों के लिए निगम अफसरों ने अनुमान तैयार कर ई निविदा प्रक्रिया शुरू की थी, पर उसके पूरा होने से पहले आचार संहिता लग गई।
इससे ज्यादातर कॉलोनियों में पक्की गलियों-नालियों सहित अन्य सुविधाएं नहीं मिल पा हैं। इसका खामियाजा इन कॉलोनियों में रह रहे हजारों लोग भुगत रहे हैं। निवर्तमान पार्षद निगम अफसरों को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। उनका आरोप है कि कामों के अनुमान तैयार करने व ई निविदा लगाने में देरी हुई। नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी क्षेत्र की अप्रैल-2023 में 35 और अगस्त-2023 में 32 कॉलोनियों को वैध घोषित किया गया था।
अवैध होने के कारण अधिकांश कॉलोनियों में पक्की गलियों-नालियों व अन्य विकास कार्य नहीं हो पाए थे। अब वैध हुई 35 कॉलोनियों को एक साल व अन्य 32 कॉलोनियों को सात माह हो गए हैं, बावजूद इसके यहां विकास कार्य नहीं लग पाए हैं। इसकी वजह आचार संहिता लगना बताया जा रहा है। हालांकि जनवरी 2024 में 29 कॉलोनियों में करीब छह करोड़ की लागत से गलियों-नालियों के निर्माण के लिए 46 ई निविदा लगाई गई थी।
अधिकांश की आचार संहिता लगने से पूर्व प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई। ऐसे ही अन्य कॉलोनियों में इन कामों के लिए ई निविदा नहीं लग पाई। ऐसे में इन कामों के लिए कॉलोनियों के लोगों का इंतजार बढ़ गया है। माना जा रहा है कि चुनाव बाद ई निविदा प्रक्रिया पूरी कर यह काम धरातल पर लगेंगे। निवर्तमान पार्षद हरमीन कोहली, देवेंद्र सिंह, निर्मल चौहान ने कहा कि कॉलोनियां जब वैध हुई, तभी उनमें होने वाले विकास कार्यों के अनुमान तैयार कर ई निविदा लगा दी जानी चाहिए थीं। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
आचार संहिता लगने से कुछ समय पहले कई कॉलोनियों में गलियों-नालियों के निर्माण के लिए ई निविदा प्रक्रिया शुरू की गई, जबकि कई कॉलोनियों के लिए यह प्रक्रिया शुरू भी नहीं की गई। इसी देरी के कारण यह काम शुरू नहीं हो पाए हैं। जिस कारण कॉलोनियों में रह रहे लोगों को खासकर मानसून की बारिश के दौरान पानी निकासी के लिए नालियां न होने से कच्ची गलियों में जलभराव के हालात झेलने पड़ेंगे।
जो काम आचार संहिता के कारण नहीं शुरू हो पाए हैं, उन्हें चुनाव बाद जल्द से जल्द शुरू कराने का प्रयास रहेगा। - विकास धीमान, एक्सईएन, नगर निगम।