पद्म भूषण से सम्मानित व सरस्वती शोध संस्थान के अध्यक्ष स्वर्गीय दर्शन लाल जैन के नाम से प्रदेश में पुरस्कार दिया जाएगा। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मंगलवार को विधानसभा में बजट पेश करने हुए यह घोषणा की। उनके नाम से यह पुरस्कार पर्यावरण के क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को दिया जाएगा। पुरस्कार के तौर पर तीन लाख रुपये दिए जाएंगे। दर्शन लाल जैन जिले के पहले ऐसी शख्सियत होंगे जिनके नाम पर राज्य सरकार द्वारा पुरस्कार दिया जाएगा।
जगाधरी के जैन नगर निवासी दर्शन लाल जैन का जन्म 12 दिसंबर 1927 को जगाधरी में एक धार्मिक और उद्योगपति जैन परिवार में हुआ था। लोग प्यार से उन्हें बाबू जी के नाम से बुलाते थे। 94 वर्ष की आयु में उनका निधन आठ फरवरी 2021 को हुआ था। उन्होंने राजकीय उच्च विद्यालय जगाधरी से उच्च शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री हासिल की। पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने वर्ष 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन में भाग लिया।
वर्ष 17 मार्च 2019 में भारत सरकार की ओर से उन्हें समाज सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए पद्म भूषण पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। दिल्ली में राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने उन्हें पद्म भूषण से अलंकृत किया। उन्होंने सरस्वती को धरा पर लाने में नायक की भूमिका निभाई। अब प्रदेश सरकार इस प्रोजेक्ट पर कार्य कर रही है। पानीपत में शहीद स्मारक बनाने के लिए लंबी लड़ाई लड़ी। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भी लिखा था। इनके प्रयास से ये कार्य सफल हो पाया।
सरस्वती नदी को पुनर्जीवित करने में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के पूर्व प्रांत संघ चालक स्व. दर्शन लाल जैन का बड़ा योगदान रहा है। इसके लिए उन्होंने काफी लंबे समय तक संघर्ष किया। उन्होंने सरस्वती शोध संस्थान की स्थापना कर इसका व्यापक प्रचार किया। उनके प्रयासों से 21 अप्रैल 2014 को उपमंडल बिलासपुर के गांव रूलाखेड़ी में सरस्वती नदी की पहला धारा बही। सरस्वती को पुनर्जीवित करने के लिए जैन ने दो दशक तक संघर्ष किया। आरएसएस में उनके कार्यों को आज भी सम्मान के साथ याद किया जाता है।
संघ की विचारधारा से प्रभावित होकर दर्शन लाल जैन वर्ष 1944 में संघ में आए। 25 जून 1975 को देश में इमरजेंसी लगी थी। उनको भी जेल यात्रा करनी पड़ी। उन्हें सरस्वती नदी के पुर्नप्रवाह के लिए बनाई गई समिति का संस्थापक अध्यक्ष बनाया गया। उन्होंने इस दौरान सरस्वती नदी के राजस्व रिकार्ड को एकत्र करने में काफी योगदान दिया और उनके प्रयासों से सरस्वती नदी की खुदाई शुरू हुई।
शिक्षा एवं वन मंत्री कंवरपाल गुर्जर का कहना है कि स्व. दर्शन लाल जैन के नाम से पुरस्कार की घोषणा करना यमुनानगर के लिए गर्व की बात है। दर्शन लाल जैन ने सरस्वती नदी की खोदाई के लिए अपना पूरा जीवन लगा दिया। उनकी शिक्षाएं आज भी हम सबके लिए प्रेरणास्त्रोत हैं।