संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। राजकीय स्कूलों में आगामी सत्र की शुरुआत में ही बाल वाटिका से कक्षा आठवीं तक के विद्यार्थियों को किताबें मिलने का दावा किया जा रहा है। इसके लिए शिक्षा विभाग की कवायद जारी है। इसके तहत एमआईएस पोर्टल किताबों की मांग का ब्योरा लेने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
इस पर सत्र शुरू होने तक स्कूलों में किताबें पहुंचने की संभावना है। इससे विद्यार्थियों के साथ स्टाफ को भी बड़ी राहत होगी। स्कूलों में शिक्षा के स्तर में सुधार के साथ बेहतर परीक्षा परिणाम हासिल किए जा सकेंगे। शिक्षा विभाग की ओर से दिसंबर की शुरुआत में सरकारी स्कूलों से बाल वाटिका से कक्षा आठवीं तक पुस्तकों की मांग का ब्योरा एमआईएस पोर्टल पर मांगा गया था।
आगामी सत्र में पाठ्य पुस्तकों में कुछ बदलाव किए जाने हैं, इसलिए पोर्टल पर दोबारा यह ब्योरा लिया गया। विभागीय अफसरों की मानें तो पुस्तकों की छपाई कराई जाएगी और अप्रैल में किताबें स्कूलों में भेजी जाएंगी। सरकारी स्कूलों में कक्षा आठवीं तक के विद्यार्थियों को निशुल्क किताबें दी जाती हैं। मौजूदा समय में जिले में बाल वाटिका से पांचवीं तक के 41000 और छठी से आठवीं तक के35000 विद्यार्थी हैं। आगामी सत्र के लिए नए दाखिले होने पर यह संख्या बढ़ सकती है।
किताबें देरी से आने पर होती परेशानी
कई बार सत्र शुरू होने के बाद या बीच में किताबें आने से विद्यार्थियों के साथ शिक्षकों को भी परेशानी होती है। किताबें देरी से मिलने पर कक्षाओं में पढ़ाई बाधित होती है। शिक्षक पाठ्यक्रम समय पर पूरा नहीं करवा पाते। विद्यार्थी भी समय पर पढ़ाई पूरी नहीं कर पाते। इसका असर उनके परीक्षा परिणाम पर भी पड़ता है। अब सत्र शुरू होने पर ही स्कूलों में किताबें पहुंच जाती हैं तो इससे विद्यार्थियों व शिक्षकों को फायदा होगा।
किताबों की मांग का ब्योरा एमआईएस पोर्टल पर मांगा गया था। जिले से यह ब्योरा भेज दिया गया है। अप्रैल के पहले सप्ताह में पुस्तकें आने की संभावना है। - संजीव सैनी, जिला एफएलएन समन्वयक।