Celebrated by singing the dance of Shri Krishna's birth anniversary in the story
- फोटो : Yamuna Nagar
यमुनानगर। कैंप स्थित लक्ष्मी नगर की गली नंबर दो में चल रही श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ में शनिवार को चौथे दिन कथा व्यास दीपक दीक्षित ने भगवान वामन और श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का चरित्र सुनाया। इस दौरान वामन अवतार व श्रीकृष्ण जन्म की झांकी निकाली गई। जिसमें श्रद्धालुओं ने नाच गाकर खुशी मनाई। कथा व्यास दीपक दीक्षित महाराज ने कहा कि भगवान विष्णु ने श्रीकृष्ण के रूप में वासुदेव और देवकी के घर जन्म लिया। वहीं भगवान विष्णु ने मां यशोदा के घर पुत्र बनकर आने का आशीर्वाद दिया था। प्रभु ने दोनों की मनोकामनाएं पूरी की। उन्होंने कहा कि जब-जब धरती पर पाप और अत्याचार बढ़ जाता है, तो धर्म की स्थापना करने के लिए ईश्वर स्वयं अवतार लेते हैं। वे कभी नरसिंह, कभी वामन, राम तो कभी कृष्ण बनकर आते हैं। पृथ्वी पर कलयुग का प्रभाव बढ़ता जा रहा है। जब अति हो जाएगी, उस समय भगवान कलियुग अवतार लेंगे। वे पाप का नाश कर पुन: धर्म की स्थापना करेंगे। उन्होंने कहा कि हमारे कर्म ही हमें ईश्वर के करीब ले जाते हैं। उन्होंने एक बुजुर्ग महिला की कथा सुनाते हुए कहा कि वह कभी ईश्वर को नहीं मानती थी। लेकिन उसके पुत्र का नाम नारायण था। वह जब भी उसे पुकारती तो प्रभु का नाम लेती। अंतिम सांसों के समय भी बूढ़ी माई ने नारायण को पुकारा तो प्रभु प्रकट हो गए और उसे परमधाम की प्राप्ति हुई।
उन्होंने कहा कि प्रभु बहुत दयालु हैं जो मनुष्य उन्हें याद करता है, तो उसके सभी मार्ग खुल जाते हैं। इस दौरान प्रभु के भजनों पर श्रद्धालु जमकर थिरके। भगवान वामन और श्रीकृष्ण के बाल रूप के दर्शन करने के लिए सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की नाचकर खुशी मनाई। इस दौरान लता, सोनिया धीमान, राज कुमार गुप्ता, शिमला देवी, राधा, नीलम, ऊषा रानी, अमन, कुसुम, गीता, प्रेमलता, रीटा, मानसी, नरेश गोगिया सहित अन्य क्षेत्र वासी उपस्थित रहे।