संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की दसवीं व 12वीं की वार्षिक परीक्षाएं शुरू हो गई हैं। मंगलवार को दसवीं कक्षा की परीक्षा रही। पहली परीक्षा सबसे कठिन विषय गणित की रही। इसे लेकर विद्यार्थियों में परीक्षा से पहले तनाव भी देखा गया। परीक्षा के बाद विद्यार्थी चहकते हुए केंद्रों से बाहर निकले। विद्यार्थियों ने बताया कि घुमाकर पूछे गए प्रश्नों ने परेशान किया। प्रश्नपत्र काफी लंबा था।
परीक्षा सुबह का समय सुबह साढ़े दस से दोपहर डेढ़ बजे तक रहा। परीक्षा के लिए विद्यार्थियों को आधा घंटा पहले केंद्र पर और 15 मिनट पहले कक्ष में पहुंचना था। पहले दिन गणित के बेसिक और स्टैंडर्ड मानक का पेपर हुआ। परीक्षा से पूर्व विद्यार्थियों में काफी तनाव देखने को मिला। चूंकि गणित सबसे कठिन विषय माना जाता है। इसके लिए विद्यार्थियों ने काफी तैयारी की थी।
वहीं दूसरी तरफ अध्यापकों ने बताया कि बेसिक मानक के अनुसार प्रश्न पत्र थोड़ा मुश्किल था। उन्होंने बताया कि बेसिक मानक गणित विषय एवरेज विद्यार्थी लेते हैं और स्टैंडर्ड विषय गणित में रूचि रखने वाले विद्यार्थी लेते हैं। इस दौरान बेसिक गणित का पेपर मानक के अनुरूप थोड़ा मुश्किल था, जिसे हल करने में विद्यार्थियों को परेशानी हुई।
परीक्षा देने आए लखन ने बताया कि उनके पास बेसिक गणित है। परंतु बेसिक के अनुसार प्रश्न पत्र मुश्किल था। इसे हल करने में काफी समय लगा और कुछ प्रश्न बेहद घुमाकर पूछे गए थे, जो अधिकांश विद्यार्थी गलत लिखकर आए हैं। ओवरऑल उनका पेपर ठीक रहा।
अनुज ने बताया कि गणित का प्रश्न पत्र काफी लंबा था। हल करने के लिए तीन घंटे का समय था, लेकिन यह बहुत ही कम लगा। प्रश्नपत्र मिलने के बाद से अंतिम समय तक विद्यार्थी उत्तर लिखने में व्यस्त रहे। उनके साथ के कई विद्यार्थियों के अंतिम दो-तीन प्रश्न छूट भी गए। इससे उन्हें निराशा हुई।
रुद्रांश ने बताया कि बताया कि उनका पेपर ओवरऑल ठीक हुआ है। परंतु इस बार प्रश्न पत्र काफी लंबा था। कई प्रश्न मुश्किल थे और उन्हें हल करने में काफी समय लगा। इसके अलावा केस स्टडी के प्रश्नों में भी काफी समय लगा। प्रश्न पत्र लंबा होने के कारण विद्यार्थी अंतिम समय तक उत्तर लिखते रहे।
गणित पीजीटी अर्जुन ने बताया कि बेसिक और स्टैंडर्ड दोनों ही प्रश्न पत्र थोड़ा मुश्किल सेट किए गए थे। जो विद्यार्थी गहन अध्ययन के साथ परीक्षा में पहुंचे थे उनके लिए प्रश्न पत्र ठीक रहा, लेकिन एवरेज स्टूडेंटस के लिए यह मुश्किल था। केस स्टडी के प्रश्न भी बेहद घुमाकर पूछे गए थे। एक प्लेइंग कार्ड संबंधी प्रश्न में 104 पत्तों के बारे पूछा गया था, जबकि पत्ते 52 होते हैं। यह केस स्टडी का प्रश्न था, जिसे हल करने में विद्यार्थियों को दिक्कत हुई।