पांच दिन पहले हथिनीकुंड नहर में डूबे बैंक कॉलोनी के अक्षय सैनी (17) की तलाश के लिए एनडीआरएफ (नेशनल डिजास्टर रिस्पोंस फोर्स) रविवार को यहां पहुंची।
फोर्स के सदस्यों ने नहर के चप्पे-चप्पे में युवक को तलाशा, लेकिन उसका कहीं कुछ पता नहीं चल सका।
पुलिस अधीक्षक शशांक आनंद ने डूबे छात्र अक्षय की तलाश के लिए एनडीआरएफ की मदद मांगी, जिसके बाद एनडीआरएफ का 11 सदस्यीय दल शनिवार देर शाम यमुनानगर पहुंच गया।
दल के सदस्यों ने कई घंटों तक नहर में डूबे अक्षय को तलाशा। एनडीआरएफ के निरीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि रविवार सुबह छह बजे से अक्षय को तलाशने का अभियान शुरू किया गया, लेकिन हथिनीकुंड में पुलों की अधिकता के कारण वहां यह ऑपरेशन अधिक देर तक नहीं चल सका।
इसके बाद यह टीम दादुपुर होते हुए जयधरी पुल के पास पहुंची। पुरानी यमुना नहर के पुल के पास से उन्होंने सर्च ऑपरेशन दोबारा शुरू किया, लेकिन उनके हाथ कुछ नहीं लगा।
नहर में पानी कम करने की मांग कर रहे परिजन
एनडीआरएफ द्वारा चलाए गए ऑपरेशन के बाद भी अक्षय का कुछ पता न चलने से परिजन काफी मायूस हैं। परिजनों का कहना है कि प्रशासन ने नहर में पानी कम करके शव की तलाश करने का आश्वासन दिया था, लेकिन शनिवार को केवल तीन सौ क्यूसिक पानी ही कम किया गया। जबकि रविवार को तो पानी कम ही नही किया गया और बिना पानी कम किए ही शव की तलाश की जाती रही। उनका कहना है कि नहर में पानी कम करके ही शव को तलाशा जा सकता है।
यह है मामला
यमुनानगर की बैंक कॉलोनी में रहने वाला अक्षय सैनी पांच दिन पहले हथिनीकुंड के पास अपने दो दोस्तों के साथ नहाने आया था। इस दौरान वह नहर में डूब गया। गोताखोरों की मदद से उसकी नहर में काफी तलाश की गई, लेकिन कुछ पता नहीं चला। शनिवार को परिजनों ने नहर में पानी कम करने और प्रशासन द्वारा अक्षय की तलाश किए जाने की मांग को लेकर खिजराबाद में नेशनल हाइवे पर जाम लगा दिया था।