संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। पांच लोगों ने भंभौली निवासी जितेंद्र से खरीदने के नाम लिया ट्रक धोखे से अपने नाम करवा लिया। ट्रक बेचने का सौदा साढ़े 25 लाख रुपये में हुआ था। आरोपियों ने पूरे रुपये दिए बिना ही धोखे से ट्रक अपने नाम करवा लिया। जबकि आरोपियों पर आठ लाख 90 हजार रुपये राशि बकाया थी। पुलिस ने हवेली गांव निवासी बलजीत सिंह, मनजीत सिंह, मनीष उर्फ मोनू, मंधार निवासी लाडी व रजिस्ट्रेशन क्लर्क पर धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है।
गांव भंभौली निवासी जितेंद्र कुमार ने पुलिस अधीक्षक को दी शिकायत में बताया कि उसने 31 दिसंबर 2018 को टाटा एलपी गाड़ी खरीदी थी। यह गाड़ी साढ़े 36 लाख रुपये में उसे पड़ी थी। उसने 12 लाख रुपये देकर गाड़ी ले ली थी। बाकि 24 लाख 26 हजार रुपये का उसने लोन करवाया था। जिसकी मासिक किस्त 64 हजार रुपये थी। अगस्त 2020 तक वह लोन की 17 किस्तें दे चुका था। इस दौरान उसकी पत्नी व मां बीमार पड़ गई। इससे किस्तें भरने में असमर्थ था।
उसने गाड़ी को बेचने का मन बना लिया। उसने गाड़ी बेचने के लिए मंधार निवासी लाडी से बात की। वह आरोपी मनीष उर्फ मोनू व एक अन्य आरोपी को साथ लेकर उसके घर आ गया। आरोपियों ने उसे बताया कि वह गाड़ी उन्होंने बलजीत सिंह को दिलवानी है। उसका आरोपियों के साथ साढ़े 25 लाख रुपये में गाड़ी बेचने का सौदा तय हो गया, जिसमें गाड़ी की रुकी हुई किस्तों की राशि भी शामिल थी।
आरोपियों ने गाड़ी की किस्तें जमा करवाने के बाद बकाया राशि उसे देने का वादा किया था। इस दौरान आरोपियों ने उसे बंद हो चुके बैंक के दो चैक दिए। बाद में आरोपियों ने उसे बताया कि उसने यह गाड़ी मनजीत के नाम ट्रांसफर करवा दी है। उसने आरोप लगाया कि आरोपियों ने दस्तावेजों पर उसके हस्ताक्षर किए बिना गाड़ी को धोखे से अपने भाई मनजीत के नाम ट्रांसफर करवा दी। जिसमें आरोपियों ने उसका साथ दिया।
जब उसने चेकों की जांच की तो पता चला कि यह बैंक बंद हो चुका है। उसने आरोपियों ने बकाया राशि के आठ लाख 90 हजार रुपये आरोपियों से मांगे, लेकिन आरोपियों ने उसे बकाया राशि नहीं दी और न ही उसकी गाड़ी वापस लौटाई। उसने आरोपियों के खिलाफ पुलिस अधीक्षक को शिकायत दी। एसपी के आदेशन छप्पर थाना पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी।