संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। धुंध का असर हरियाणा रोडवेज की बसों की रफ्तार और यात्रियों की संख्या पर भी पड़ा है। एक ओर यमुनानगर डिपो के विभिन्न रूटों पर बसें आधे से ढाई घंटे देरी से आ रही हैं, वहीं उन पर यात्री भी आम दिनों से आधे रह गए हैं और वह भी बसों के देरी से चलने के कारण दिक्कतों से दो-चार होते नजर आ रहे हैं।
रोडवेज अफसरों का कहना है कि धुंध में हादसे से बचाव के लिए चालकों को बसें कम रफ्तार में चलानी पड़ रही है फिर भी पूरा प्रयास करते हैं कि रूटों पर आने-जाने में अधिक देरी न हो। हरियाणा रोडवेज के यमुनानगर डिपो पर 180 बसें ऑनरूट हैं। इनके विभिन्न रूटों 180 से 190 फेरे हैं। दो सप्ताह से धुंध का असर डिपो की रोडवेज बस सेवा पर दिखा है।
जिले के ग्रामीण सहित हरियाणा के विभिन्न जिलों के रूटों पर बसें सुबह के समय अपने पहले फेरे में तो समय से रवाना हो रही है, पर बसों के रूटों से वापस यमुनानगर लौटने में आधे से पौने घंटे की देरी हो रही हैं। इससे इतनी ही देरी रूटों पर बसों के अगले फेरे में रवानगी में हो रही है। इस तरह दोपहर से देर शाम तक उक्त रूटों पर बसें आधे से पौन घंटे देरी से आ-जा रही हैं।
ज्यादा देरी दिल्ली, चंडीगढ़ रूटों पर बसों के आने-जाने में हो रही है, जहां कोई बस एक घंटा तो कोई डेढ़ से दो घंटे देरी से रूटों से लौट रही है। इससे रूट पर अगले फेरे में बसे इतनी ही देरी से रवाना हो रही है। धुंध के कारण बसों में यात्रियों की संख्या भी आम दिनों से आधी रह गई है। इससे रोडवेज की आमदनी भी कम हो गई है।
इस तरह बसों के देरी से चलने पर विद्यार्थी, नौकरीपेशा वर्ग सहित अन्य यात्री अपने गंतव्य पर देरी से पहुंच रहे हैं। बस स्टैंड पर दिल्ली की बस का इंतजार कर रहे हरीश व राजेश ने बताया कि दिल्ली जाना है, पर एक घंटे से अधिक समय हो गया है बस नहीं आई है। ऐसे ही कुरुक्षेत्र जाने के लिए बस का इंतजार कर रहे नकुल ने बताया कि आधे घंटे से बस नहीं आई है।
ये सही है कि धुंध का असर रोडवेज बसों की रफ्तार पर पड़ा है। विभिन्न रूटों पर जाने वाली बसें आधे से ढाई घंटे तक भी देरी से लौट रही है। जिससे उन्हें अगले फेरे में रूटों पर चलाने में देरी होती है। खासकर शाम बाद दिल्ली, चंडीगढ़ जैसे रूटों की बसें दो से ढाई घंटे भी देरी से लौट रही हैं। - भीम सिंह, ड्यूटी इंस्पेक्टर, यमुनानगर डिपो।