कपालमोचन मेला खत्म होने के बाद दो दिन से यमुनानगर डिपो की हरियाणा रोडवेज बसें पहले जैसे अन्य रूटों पर चलने लगी हैं। फिलहाल मेले के बाद कई चालक-परिचालक छुट्टी पर होने से रूटों पर बसों के फेरे कम ही हैं, जिसमें खासकर जिले के ग्रामीण रूटों के यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
रोडवेज अफसरों की मानें तो स्टाफ के छुट्टी से लौटने पर अगले दो से तीन दिन में डिपो से संचालित सभी रूटों पर पहले जैसी बस सेवा हो जाएगी। कपालमोचन व आदिबद्री क्षेत्र में 23 से 27 नवंबर तक पांच दिवसीय अंतरराज्यीय मेला लगा, जिसमें हर वर्ष की तरह श्रद्धालुओं को अलग-अलग रूटों से ले जाने व वापसी कराने को यमुनानगर डिपो से हरियाणा रोडवेज की बसे चलाई गईं।
इन पांच दिन डिपो की 70 बसें मेले के रूटों पर चलीं, जिससे डिपो से संचालित होने वाले अन्य रूटों के लिए बसें कम रह जाने के कारण उन पर बसों के फेरे कम करने पड़े। मेले के अंतिम दिन मेले के रूटों पर बसों की संख्या और बढ़ा दी गई। जिससे अन्य रूटों के यात्रियों को मेले के पांच दिन आने-जाने में परेशानी रही।
मेला खत्म होने पर दो दिन से डिपो की बसें दोबारा पहले जैसे रूटों पर लौटने लगी हैं, पर अभी कई चालक-परिचालक छुट्टी पर होने से रूटों पर पहले जैसे बसों के फेरे नहीं है। उन पर फिलहाल बसों के फेरे कम हैं, जिसमें खासकर जिले के ग्रामीण रूट शामिल हैं। इन पर अगले दो से तीन दिन में छुट्टी से लौटने पर पूरा स्टाफ होने पर पहले जैसी बस सेवा होने की संभावना है।
पूरा प्रयास है कि जिन रूटों पर यात्री अधिक हैं, उन पर पहले जैसी ही बस सेवा दी जाए। इसके अलावा अन्य रूटों पर यदि कहीं यात्री अधिक होते हैं या किसी तरह की मांग होती है, तब उसी मुताबिक बसों का संचालन किया जा रहा है। - भीम सिंह, ड्यूटी इंस्पेक्टर, यमुनानगर डिपो।