बस में चढ़ने के लिए जद्दोजहद करते लोग। संवाद
- फोटो : टूंडला की भूमि प्रबंधक संमिति के पदाधिकारी केंद्रीय राज्यमंत्री प्रो एसपी सिंह बघेल से मिलकर मांग पत्र देते संगठन
यमुनानगर। जिला में पहले से ही बसों की कमी से जूझ रहे यात्रियों को मंगलवार को ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ेगी। 25 नवंबर को कुरुक्षेत्र में आयोजित प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में यमुनानगर डिपो से रोडवेज की लगभग 100 बसों को भेजा जाएगा, जिससे शहर में दिनभर बसों की बहुत ज्यादा कमी रहेगी। मंगलवार को सिर्फ 50 बसें ही संचालित की जाएंगी। जिससे अंबाला और दिल्ली समेत कई अन्य रूट प्रभावित रहेंगे। इसलिए बसों की कमी को देखते हुए घर से निकलने से पहले ही अपने रूट की बस का पता करने के बाद ही कहीं आने जाने का कार्यक्रम बनाएं।
बसों की कमी से सोमवार को लोगों की परेशानी बढ़ सकती है। राहत की बात यह रहेगी कि सरकारी छुट्टी होने से स्कूल, कॉलेज बंद रहेंगे। यदि शिक्षण संस्थान खुले रहते तो उन्हें घर से पढ़ाई के लिए संस्थान में जाना ही मुश्किल हो जाता। यात्रियों को सुबह और शाम के पीक आवर्स में बस मिलने में पहले ही काफी दिक्कत होती है। अब बसों की संख्या घटने से उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ेगा। मजबूरी में उन्हें निजी वाहनों या ऑटो का सहारा लेना होगा, जिससे खर्च बढ़ेगा। परेशानी इसलिए भी बढ़ने वाली है कि रोडवेज बस नहीं चलने पर यात्री प्राइवेट बसों में सफर कर लेते थे। लेकिन 30 प्राइवेट बसों को भी कुरुक्षेत्र में प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में भेजा जाएगा। इसलिए डिपो में जो 40-50 बसें बचती हैं उन्हें में ही जैसे-तैसे सफर करके लोगों को काम चलाना होगा।
प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में भेजने के बाद जो बसें बचेंगी उन्हें रूटों पर लगाया जाएगा। यात्रियों को बसों में सफर करने के कोई परेशानी न हो इसके लिए बस स्टैंड पर भीड़ को देखते हुए बसों का संचालन किया जाएगा। जिस रूट पर भीड़ ज्यादा होगा वहां पर बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी। सरकारी छुट्टी होने के कारण आधी भीड़ अपने आप ही कम हो जाएगी।
- संजय रावल, महाप्रबंधक, यमुनानगर डिपो।
बस में चढ़ने के लिए जद्दोजहद करते लोग। संवाद- फोटो : टूंडला की भूमि प्रबंधक संमिति के पदाधिकारी केंद्रीय राज्यमंत्री प्रो एसपी सिंह बघेल से मिलकर मांग पत्र देते संगठन