फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पहले सड़क बनवाओ तब बिजली मीटर लगाओ की आवाज बुलंद

विज्ञापन
Build a road first, then install an electricity meter - फोटो : Yamuna Nagar
विज्ञापन
यमुनानगर। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत ग्रुप) के प्रदेशाध्यक्ष रतनमान और जिलाध्यक्ष सुभाष गुर्जर के नेतृत्व में मंगलवार को किसानों ने बिजली निगम के एसई कार्यालय पर प्रदर्शन किया। साथ ही चेताया कि जब तक बिलासपुर के गांव सलेमपुर बांगर में टूटी सड़क का निर्माण नहीं हो जाता, तब तक वे जगमग योजना के तहत घरों के बाहर मीटर नहीं लगने देंगे। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अगर निगम की ओर से जबरदस्ती की जाएगी तो ग्रामीण गिरफ्तारी के लिए तैयार हैं। जब सारा गांव जेल चला जाएगा तो बिजली कर्मचारी गांव में मीटर लगा सकते हैं।
विज्ञापन

दरअसल बिलासपुर के गांव सलेमपुर बांगर में भाकियू नेता सुखदेव सिंह ने गांव में मीटर घरों से बाहर लगाने का विरोध किया था। वर्ष 2021 में सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने पर बिजली निगम ने उनके खिलाफ केस दर्ज कराया था। इसे लेकर मंगलवार को काफी संख्या में किसान एकत्रित होकर एसई कार्यालय पर पहुंच गए, जहां पर उन्होंने बिजली निगम और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। भाकियू प्रदेशाध्यक्ष रतनमान सिंह ने कहा कि गांव सलेमपुर बांगर में जो सड़क जा रही है, उसकी हालत काफी खराब है। फैक्टरियों का सारा गंदा पानी सड़क पर आ रहा है। सड़क की हालत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि गांव के लोग वाहन लेकर कहीं आ जा नहीं सकते। टूटी सड़क के कारण रिश्तेदारों ने गांव में आना छोड़ दिया, इसलिए जब तक प्रशासन इस सड़क को नहीं बनाता, तब तक कोई भी बिजली मीटर बाहर नहीं लगेगा। भाकियू जिलाध्यक्ष सुभाष गुर्जर ने कहा कि यदि प्रशासन ने मीटर बाहर लगाने में जोर जबरदस्ती की तो गांव के लोग रोजाना 11 गिरफ्तारी देंगे। जब गिरफ्तारी देकर सारा गांव जेल चला जाएगा तो बिजली कर्मचारी गांव में मीटर लगा सकते हैं।
भाकियू नेता सुखदेव सिंह ने कहा कि उनके गांव की सड़क की हालत इतनी खराब है कि उस पर हर समय पानी भरा रहता है। फैक्टरियों से निकलने वाले पानी से सड़क टूट गई है। लोगों का गांव में आना जाना मुश्किल हो गया है। मौके पर भूपेंद्र सिंह लाडी, प्रदेश महासचिव संदीप संखेड़ा, जयपाल चमरौड़ी, सुभाष हरतौल, अशोक डांगी, बाजिंद्र राणा, कामिल हुसैन, नाजिर हुसैन, पवन गोयल दामला, एडवोकेट साहब सिंह गुर्जर, नायब सिंह, महिंद्र सिंह, अमरजीत सिंह, मीना देवी, दयालो देवी, शकुंतला देवी, दर्शनी देवी, रेनू, कमलेश, सुरेंद्र सांगवान व महताब कादियान मौजूद रहे।
विज्ञापन

अधिकारियों ने मानी प्रदर्शनकारियों
की बात, लिखित में दिया आश्वासन
किसानों को पहले डीएसपी सुभाष चंद्र ने यह कहकर समझाने का प्रयास किया कि दो-तीन माह में सड़क बन जाएगी। उन्होंने पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन नवीन खत्री को भी मौके पर बुलाया, परंतु एक्सईएन ने कहा कि उन्होंने सड़कों का इस्टीमेट बनाकर भेजा हुआ है। जैसे ही मंजूरी मिलेगी सड़क बना दी जाएगी। गांव में पीडब्ल्यूडी की 44 फुट जगह है। इसमें से 18 फुट पर सड़क बनी है। बाकी जमीन दबाई हुई है। यदि उनकी जगह खाली हो जाए तो वह पानी निकासी का प्रबंध करवा सकते हैं। इसके बाद एसडीएम जगाधरी सुशील कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि जगमग योजना पूरे प्रदेश में चल रही है। इसका लाभ ग्रामीणों को ही मिलना है। जब सभी घरों के मीटर बाहर लग जाएंगे तो ग्रामीणों को 24 घंटे बिजली मिलेगी। किसी को भी इसका विरोध नहीं करना चाहिए। एसडीएम ने मौखिक रूप से किसानों को काफी समझाने का प्रयास किया, परंतु रतनमान सिंह ने कहा कि जब तक उन्हें लिखित में नहीं दिया जाएगा तब तक वह यहां से नहीं उठेंगे। इसके बाद बिजली निगम के एसई ने सड़क बनने के बाद ही मीटर लगाने का आश्वासन दिया, जबकि पीडब्ल्यूडी की ओर से जल्द सड़क बनाने का भरोसा दिया गया। इस संबंध में दोनों विभागों की ओर से भाकियू को लिखित में आश्वासन भी दिया गया, जिसके बाद प्रदर्शनकारी वापस लौटे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें