यमुनानगर। दीनबंधु छोटूराम थर्मल प्लांट के अंदर 8469 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित होने वाली नई 800 मेगावाट की अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल यूनिट निर्माण के लिए भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) ने बहरामपुर-कैत गांव में डेरा डाल दिया है। कंपनी ने दोनों गांवों के रकबे में 56 एकड़ भूमि पर अस्थाई गोदाम बनाया है।
प्रथम चरण में ठेके पर ली गई खेत की भूमि का भरत व सीमेंटेड वॉल बनाने का कार्य शुरू कर दिया गया है। वहीं, उधर थर्मल के अंदर लगे 8500 पेड़ों की कटाई के बाद उस जगह पर नई यूनिट की ड्राइंग के अनुसार फाउंडेशन का कार्य शुरू हो चुका है। इस कार्य के लिए करीब 60 से 70 मजदूर दिन रात काम कर रहे हैं। कैल गांव से 14 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस नई यूनिट का शिलान्यास किया था। प्लांट के अंदर 409.242 हेक्टेयर (1011.26 एकड़) भूमि में नई यूनिट लगनी है।
बहरामपुर-कैत गांव के रकबे में बनाए गए अस्थाई गोदाम में मशीनें पहुंच गई हैं। लेकिन, नई यूनिट के निर्माण के लिए थर्मल के अंदर जाने वाले सामान की पहले तुलाई होगी, इसके लिए कांटा लगाया जा रहा है। कांटा पर तुलने वाले सामान की एंट्री भी होगी तथा जाने वाले अन्य सामान की भी रिपोर्ट रोजाना बीएचईएल के उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी।
यहां तक नजर रखने के लिए टीम लीडर भी बनाया गया है। ऐसे में लापरवाही होने पर कार्रवाई भी की जा सकती है। लेकिन, अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल यूनिट देखने में कैसी होगी इसकी साढ़े तीन हजार ड्राइंग बनाई गई है, उसी के अनुसार निर्माण कार्य शुरू किया गया। वहीं यह यूनिट 61 विशेषताओं से लैस भी होगी। मार्च 2029 को यहां से बिजली उत्पादन शुरू हो जाएगा। संवाद
एक साथ होगा 1400 मेगावॉट बिजली उत्पादन
दीनबंधु छोटूराम थर्मल प्लांट में मौजूदा समय में 300-300 की 600 मेगावाट की यूनिट स्थापित है। वहीं 800 मेगावाट की नई यूनिट लगने से एक साथ 1400 मेगावाट बिजली उत्पादन होगा। नई इकाई प्रतिदिन 192 लाख यूनिट बिजली उत्पादन करेगी। अभी तक हरियाणा में वर्तमान में हरियाणा पावर जनरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड की वर्तमान क्षमता 2582 मेगावाट है, नई 800 मेगावाट यूनिट लगने से 3382 मेगावाट बिजली उत्पादन होगी, साथ ही हरियाणा की उत्पादन क्षमता चार गुना हो जाएगी।
वर्जन
बीएचईएल ने नई यूनिट के निर्माण के लिए अपना कार्य शुरू कर दिया है। यह यूनिट पूरी तरह इको फ्रेंडली होगी। नई यूनिट के लगने से यमुनानगर से कुल 1400 मेगावाट बिजली उत्पादन होगा, साथ ही युवाओं को रोजगार भी मिलेगा। - रमन सोबती, चीफ इंजीनियर, दीनबंधु छोटूराम थर्मल प्लांट यमुनानगर।