भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) की जिला कार्यकारिणी की बैठक किसान पंचायत मंगलवार को कस्बा के रेस्ट हाउस में हुई। इसकी अध्यक्षता जिला अध्यक्ष किसान नेता सुभाष गुर्जर ने की। बैठक में मुख्य रूप से भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष रतनमान मौजूद रहे।
रतनमान ने कहा कि किसानों को लेकर प्रदेश की सरकार हर मोर्चें पर विफल साबित हो रही है। किसानों को अपनी फसलों के दाम को लेकर आए दिन आंदोलन का सहारा लेना पड़ रहा है। देश का पालन पोषण करने वाले किसान प्रदेश सरकार की जन विरोधी नीतियों के कारण परेशानी के दौर से गुजर रहे है। रतनमान ने कहा कि 26 जनवरी को संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर जींद में उत्तर भारत की सबसे बड़ी किसान महापंचायत का आयोजन किया जाएगा। किसान महापंचायत के लिए बैठक में किसान नेताओं से विचार विर्मश किया गया। किसान महापंचायत में किसानों की आवाज को बुलंद करने के लिए अधिक से अधिक संख्या में किसान पहुंचे। महापंचायत में किसान आंदोलन के लिए आगामी निर्णय लिया जाएगा। रतनमान ने कहा कि प्रदेश के किसानों के द्वारा गन्ने के मूल्य की वृद्धि को लेकर जो आंदोलन चलाया जा रहा है। प्रदेश सरकार के निर्णय को लेकर अनिश्चित कालीन समय तक चलता रहेगा। आंदोलन के माध्यम से गन्ने की फसल के मूल्य में बढ़ेातरी की मांग की जा रही है। किसानों ने गन्ने की सप्लाई बंद कर दी है। जींद की महापंचायत में इस मामले को जोर शोर से उठाया जाएगा। इसके बावजूद भी प्रदेश सरकार के गन्ने के मूल्य को लेकर विचार विर्मश नहीं किया जाता तो आगामी 29 जनवरी को भारत के गृहमंत्री अमित शाह को भारतीय किसान यूनियन के पूरे प्रदेश से 101 पंच गन्ना व झंडा लेकर अमित शाह की रैली में विरोध के लिए पहुंचेंगे। बातचीत के माध्यम से ही किसानों की समस्या का समाधान किया जा सकता है। अगर प्रदेश सरकार बातचीत नहीं करती है तो किसानों का आंदोलन अनिश्चितकालीन जारी रहेगा। किसान नेता सुभाष गुर्जर ने कहा कि किसानों की मांगो को लेकर प्रदेश सरकार गंभीरता से कार्य करे। आगामी किसान महापंचायत में जिले से हजारों की संख्या में किसान पहुंच कर किसानों की आवाज को बुलंद करेंगे। इस मौके पर उपाध्यक्ष संदीप संखेड़ा, प्रदीप कुमार, जयपाल, सुभाष हरतौल, महिंद्र, जनक, जसबीर, सुभाष शर्मा, दिलबाग, रोहित, बलकार, विनोद डांगी, मनमोहन, सुरेंद्र सांगवान, अनु शर्मा सहित किसान नेता मौजूद रहे।