संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। भाई-बहन के स्नेह का प्रतीक का पर्व भैया दूज रविवार को जिले में हर्षोल्लास से मनाया गया। बहनों ने भाई के ललाट पर तिलक कर उज्ज्वल भविष्य, खुशहाली, दीर्घायु, सुख समृद्धि की कामना की।
पर्व का उत्साह पूर्व संध्या से ही देखने को मिल रहा था। इस दौरान बच्चों में काफी उत्साह देखने को मिला। दिवाली की तरह बाजारों में भैया दूज पर भी खूब रौनक रही। इस दौरान लोगों ने जमकर खरीदारी की। सबसे ज्यादा भीड़ कपड़ों, मिठाइयों व उपहार की दुकानों पर रही। दिवाली की ही तरह बाजार सजे रहे और जगह-जगह दुकानदारों ने अतिरिक्त स्टाल लगा रखे थे।
भैयादूज को लेकर शनिवार देर शाम तक बाजार में खरीदारों की भीड़ रही। वहीं, रविवार सुबह भी बाजारों में रौनक देखने को मिली। इस दौरान लोगों ने खूब खरीदारी की। महिलाएं दुकानों में बहनें सूखे मेवे, मिठाई इत्यादि की खरीदारी करतीं दिखीं। वहीं, भाइयों ने भी बहनों के लिए उपहार, कपड़े व अन्य सामान की खरीदारी की।
इस दौरान नारियल गोला (खोपा) के दाम भी काफी ऊंचे रहे। एक छोटा गोला 40 से 50 रुपये तक बिका। तिलक के दौरान बहनें भाइयों को खोपा देती हैं। बहनों ने भाई का तिलक कर दीर्घायु व सुखी जीवन की कामना की। भाइयों ने बहनों को उपहार व दक्षिणा देकर उनकी रक्षा करने का प्रण किया।
पंडित ललित शर्मा ने बताया कि कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को भैया दूज का पर्व मनाया जाता है। इसका संबंध मृत्यु के देवता यमराज से है, इसलिए यम द्वितीया के रूप में मनाया जाता है। इस दिन बहनों को अपने भाइयों के सुखी जीवन की कामना जरूरी करनी चाहिए। इस दिन मृत्यु के देवता यमराज और उनकी बहन यमुना की पूजा की जाती है। ऐसे में यमराज के नाम का चौमुखी दीपक जलाकर घर की दहलीज के बाहर रखा जाता है।
त्योहार के कारण जाम की स्थिति
त्योहार के कारण बाजारों में खूब रौनक व भीड़ रही। भीड़ से शहर के विभिन्न हिस्सों में शाम तक जाम की स्थिति बनी रही, जिससे लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। जाम से निपटने के लिए पुलिस पीसीआर व राइडर भी लगातार गश्त पर रहे। भीड़ अधिक होने के कारण लोगों को दिक्कत उठानी पड़ी। शहर के मुख्य चौराहों पर भी यही हाल रहे। इसके अलावा बस अड्डे पर भी काफी भीड़ देखने को मिली। तमाम जिलों की बसों में भीड़ रही और लोगों को चढ़ने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। बसों में भीड़ के कारण लोगों को परेशानी और बस पकड़ने के लिए काफी इंतजार करना पड़ा।