संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। बीईओ (ब्लॉक शिक्षा अधिकारी) अब अपना दफ्तर छोड़ कर स्कूलों का निरीक्षण करेंगे। इसका मुख्य उद्देश्य स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारना, समस्याओं की पहचान करना और उनका समाधान करना, तथा संसाधनों का कुशल उपयोग सुनिश्चित करना है।
बीईओ स्कूलों में विद्यार्थियों को उच्च-गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित शिक्षा मिल रही है या नहीं, इसकी जांच करेंगे। इस पहल से बीईओ सीधे स्कूलों के शैक्षणिक और प्रशासनिक पहलुओं का निरीक्षण कर पाएंगे, जिससे शिक्षा व्यवस्था में सुधार आएगा।
वहीं बीईओ निरीक्षण के बाद अपनी रिपोर्ट विभाग को समिट भी कराएंगे तथा जहां-जहां जो भी खामी पाई जाएगी उसको दुरुस्त करने के लिए संबंधित स्कूल के इंचार्ज को मार्गदर्शन करेंगे। इसके अलावा स्कूल में बनने वाले मिड डे मिल की भी जांच करेंगे।
उधर, जिले में बिना अनुमति चल रहे कई स्कूलों में के मानक पूरे नहीं है। किसी विभाग ने अपने स्तर पर जिले के अमान्य स्कूलों में निरीक्षण या कार्रवाई की जहमत नहीं उठाई है।
ऐसे में चाइल्ड लाइन, जिला बाल संरक्षण अधिकारी, जिला अग्निशमन अधिकारी की संयुक्त टीम इसमें सीधी कार्रवाई कर सकती है। ये टीम निरीक्षण करने के बाद कार्रवाई करने व स्कूल बंद करने की सिफारिश भी कर सकती हैं।
जानकारी के अनुसार ग्रीष्मकालीन अवकाश से पूर्व हरियाणा राज्य बाल संरक्षण आयोग के राज्य सदस्य अनिल लाठर ने जिले के विभिन्न स्कूलों निरीक्षण किया था। इस दौरान 36 से ज्यादा स्कूलों में अग्निशमन यंत्र व आग नियंत्रक नहीं मिले थे। जिस पर उन्होंने विभाग को स्कूलों की फायर एनओसी रद्द करने के आदेश दिए थे।
बीईओ स्कूलों में समय-समय पर निरीक्षण करते हैं, अब गहनता से करेंगे। इसके अलावा जो भी खामियां मौके पर मिलेगी, उसे संबंधित स्कूल के इंचार्ज को दुरुस्त कराने के लिए बोलेंगे। स्कूलों में पढ़ने वाले प्रिंसिपल पहले से बेहतर कार्य कर रहे हैं। -धर्मेंद्र चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी।