गांव सुल्तानपुर में मामूली विवाद के बाद एक पक्ष ने दूसरे पक्ष के घर पर एक ही दिन में दो बार हमला किया। तेजधार हथियारों से हुए इस हमले मे तीन महिलाओं सहित पांच घायल हो गए। इसकी सूचना पुलिस को दिए जाने के बावजूद पुलिस कार्रवाई मे विलंब होने से गुस्साए ग्रामीणों ने गांव में पहुंचे एसएसओ की सरकारी जिप्सी पर पथराव कर दिया।
बाद में ग्रामीणों ने पुलिस कार्रवाई के विलंब के विरोध में थाने व अस्पताल में भी हंगामा कर दिया। बिलासपुर के डीएसपी सुभाष चंद, बिलासपुर के एसएचओ दयाल चंद व मुस्तफाबाद के एसएचओ राजेंद्र सिंह ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रण किया। पुलिस ने पीड़ित पक्ष की महिला के बयानों के आधार पर तीन महिलाओं व दो पुरुषों के विरुद्ध नामजद व अन्य अज्ञात के विरुद्ध मामला दर्ज किया है।
गांव सुल्तानपुर निवासी जरनैल सिंह की पत्नी सीता रानी ने बताया कि उसके बेटे मदन का 15 दिसंबर को गांव के ही मनीराम के साथ मामूली विवाद हुआ था। इस विवाद के बाद मनीराम व उसके तीन साथियों ने मदन लाल को कस्बे के श्मशान घाट के पास फोन पर बुलाकर उसके साथ मारपीट की। आरोप है कि जरनैल सिंह ने बेटे के साथ हुई मारपीट की शिकायत उसी दिन पुलिस को की गई।
लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद 16 दिसंबर को इस मामले को लेकर गांव में पंचायत हुई। लेकिन दूसरे पक्ष का कोई भी आदमी पंचायत में नहीं आया। इसी मामले को लेकर 17 दिसंबर को गांव में फिर से पंचायत हुई। इस पंचायत में मनीराम आया, लेकिन वहां उसने अपनी गलती मानने की बजाए पंचायत में मौजूद ग्रामीणों को ही धमकाना शुरु कर दिया, जिसके कारण पंचायत रद्द कर दी गई। किसी अनहोनी की आशंका के चलते ग्रामीणों ने पुलिस को फोन किया, लेकिन पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। आरोप है कि शुक्रवार दोपहर को मनीराम की पत्नी ममता, मां सरोज व बहन जीना जरनैल के घर हमला करने पहुंच गई।
उस समय जरनैल के घर पर महिलाएं ही मौजूद थी। सीता रानी का आरोप है कि इन महिलाओं ने उनके घर पहुुंचकर वहां मौजूद मदन की ताई लक्ष्मी, भाभी सीमा व मां सीता की आंखों में मिर्च पाउडर फेंकने के बाद उन पर हमला करके घायल कर दिया। आरोप है कि हमला करने वाली महिलाओं ने इन महिलाओं के गले व कानों में पहने जेवर भी छीन लिए। ग्रामीणों ने बताया कि इस हमले के बाद एसआई बलवान सिंह पुलिस दल के साथ जिप्सी में गांव में पहुंचे।
ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी शिकायत पर पुलिस ने पहले तो आरोपियों को पुलिस जिप्सी में बैठा लिया, लेकिन थोड़ी देर बाद उन्हें छोड़कर पुलिस वापस चली गई। ग्रामीण अभी इस मामले को लेकर चिंतित ही थे कि इसी दौरान मनीराम व उसके भाई पोला ने अपने साथियों के साथ मदन लाल के घर पर तेजधार हथियारों के साथ हमला कर दिया। जब तक ग्रामीण मौके पर पहुंचे तब तक हमलावर मदन व उसके बाप जरनैल को घायल कर चुके थे। ग्रामीणों के पहुंचते ही सभी हमलावर मौके से फरार हो गए।
इसकी सूचना पाकर एसएचओ निर्मल सिंह व जिप्सी चालक अवतार सिंह मौके पर पहुंच गए। वे गुस्साए ग्रामीणों से बात कर ही रहे थे कि भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने अंधेरे का लाभ उठाते हुए पुलिस जिप्सी पर पथराव शुरू कर दिया। अचानक हुए इस हमले से एसएचओ निर्मल सिंह भौचक्के रह गए। ग्रामीणों के गुस्से व पुलिस बल की कमी को देखते हुए वे मौके से निकल गए।
उन्होंने इसकी सूचना पुलिस के आला अधिकारियों को दी। इसके बाद बिलासपुर के डीएसपी सुभाष चंद, बिलासपुर के एसएचओ दयाल चंद व मुस्तफाबाद के एसएचओ राजेंद्र सिंह भी थाने में पहुंच गए। इसी दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण भी थाने में पहुंच गए। ग्रामीणों ने डीएसपी के समक्ष पुलिस पर आरोपियों से मिलीभगत होने के कारण ही दो बार हमला होने के बावजूद कोई भी कार्रवाई न होने का आरोप लगाया। डीएसपी सुभाष चंद द्वारा कोताही करने वाले पुलिस कर्मचारियों के विरुद्ध जांच करके कार्रवाई करने व आरोपियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने का आश्वासन दिए जाने पर ही ग्रामीण संतुष्ट हुए। हमलावरों के हमले में घायल हुई दो महिलाओं व दो पुरुषों को प्राथमिक उपचार के बाद रेफर कर दिया गया।
सुलतानपुर गांव में दो पक्षाें में झगड़े की सूचना मिलने पर पुलिस पार्टी मौके पर पहुंची थी। किसी ने पुलिस की गाड़ी पर पथराव कर दिया, जिससे गाड़ी मामूली रूप से क्षतिग्रस्त हुई है। गाड़ी पर पथराव करने पर किसी के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया गया है।
निर्मल सिंह, एसएचओ, साढ़ौरा