संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापनगर। प्रतापनगर और आसपास के क्षेत्रों में करीब 15 दिनों से तेंदुओं की लगातार आवाजाही से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। किसानों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में कई बार तेंदुए खेतों, जंगल से सटी आबादी और ग्रामीण मार्गों पर देखे जा चुके हैं, लेकिन वन्य प्राणी विभाग अब तक किसी भी तेंदुए को पकड़ने में सफल नहीं हुआ है।
इससे विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। वही ग्रामीणों में वन्य प्राणी विभाग के प्रति रोष है। वहीं एक दिन पहले ही कलेसर जंगल के पास हाथी नेशनल हाईवे पर आ गए थे। जिससे करीब 20 मिनट तक हाईवे पर यातायात बाधित रहा था। ऐसे में जंगली जानवरों ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है।
ग्रामीणों के अनुसार रामपुर खादर, जयरामपुर खदरी, बूड़िया, लक्कड़ भीलपुरा, मांडेवाला और ताजेवाला समेत कई गांवों में तेंदुओं की मौजूदगी के कारण लोगों ने शाम के बाद घरों से निकलना कम कर दिया है। किसान खेतों में जाने से डर रहे हैं, जबकि बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। कई स्थानों पर तेंदुओं के पदचिह्न और उनकी गतिविधियां देखे जाने की सूचना ग्रामीणों ने वन्य प्राणी विभाग को दी है।
ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग के अधिकारी प्रभावी कार्रवाई करने के बजाय केवल औपचारिकताएं निभा रहे हैं। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल पिंजरे लगाने, गश्त बढ़ाने और तेंदुओं को तत्काल पकड़ कर सुरक्षित स्थानों पर छोड़ने की मांग की है।
वन्य प्राणी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि तेंदुओं की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है और आवश्यक कदम जल्द उठाए जाएंगे, ताकि क्षेत्र के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।