संवाद न्यूज एजेंसी
व्यासपुर। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के हलका उपाध्यक्ष की ट्रैक्टर-ट्रॉली का 30 हजार रुपये का चालान किए जाने से किसान भड़क उठे। किसानों ने हलका अध्यक्ष सतपाल मानकपुर के नेतृत्व में वीटा प्लांट के सामने जगाधरी मुख्य मार्ग के पास धरना देकर सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
किसानों ने चेतावनी दी कि यदि ट्रॉली को बिना जुर्माना के नहीं छोड़ा गया तो अगले दिन जिला अध्यक्ष सुभाष गुर्जर के नेतृत्व में शिव चौक पर जाम लगाया जाएगा। इसके बाद प्रशासन हरकत में आया और एसडीएम ने किसानों के प्रतिनिधिमंडल को वार्ता के लिए बुलाया। बातचीत के बाद ट्रैक्टर-ट्रॉली को बिना जुर्माना छोड़े जाने के बाद किसानों ने धरना समाप्त कर दिया।
भाकियू हलका अध्यक्ष सतपाल मानकपुर ने बताया कि गांव श्यामपुर के सरपंच एवं भाकियू हलका उपाध्यक्ष जसबीर सिंह मक्की के छोर (फसल अवशेष) के गठ्ठर लेकर फैक्टरी में बेचने जा रहे थे। आरोप है कि रास्ते में आरटीए की टीम ने उनकी ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोक लिया और 30 हजार रुपये का चालान कर दिया।
इसकी सूचना मिलते ही आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में किसान मौके पर पहुंच गए और सड़क किनारे धरना शुरू कर दिया। धरने की सूचना मिलने पर डीएसपी और थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसान ट्रॉली छोड़े जाने तक धरने पर अड़े रहे।
इस दौरान जिला उपाध्यक्ष राहुल संधाय और व्यासपुर अध्यक्ष सुभाष हरतौल ने कहा कि सरकार एक तरफ किसानों से पराली नहीं जलाने और फसल अवशेष बेचने की अपील करती है, जबकि दूसरी तरफ वही अवशेष लेकर जा रहे किसानों पर भारी जुर्माना लगाया जा रहा है। उन्होंने इसे किसान विरोधी कार्रवाई बताते हुए कहा कि भाकियू ऐसे मामलों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी।
किसानों ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि ट्रॉली नहीं छोड़ी गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा तथा शुक्रवार को शिव चौक पर जाम लगाकर विरोध दर्ज कराया जाएगा। किसानों के सख्त रुख को देखते हुए एसडीएम व्यासपुर ने भाकियू के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को बातचीत के लिए बुलाया। वार्ता के दौरान किसानों ने अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए चालान रद्द करने और ट्रॉली छोड़ने की मांग रखी।
बातचीत के बाद एसडीएम ने आरटीए अधिकारियों को ट्रैक्टर-ट्रॉली बिना जुर्माना छोड़े जाने के निर्देश दिए। वहीं भाकियू नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में किसानों के साथ इस प्रकार की कार्रवाई दोहराई गई तो संगठन जिलेभर में बड़ा आंदोलन छेड़ेगा।