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Yamuna Nagar News: बारिश से खुली इंतजामों की पोल, भीगा धान

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धान की सरकारी खरीद शुरू भी नहीं हुई और अनाज मंडियों में पहले ही इंतजामों की पोल खुल गई। शनिवार सुबह हुई आधे घंटे की बारिश से अनाज मंडियों में खुले आसमान के नीचे रखा धान भीग गया। धान को पानी से बचाने के लिए मजदूरों के पास तिरपाल तक नहीं थी। जब तक मजदूर तिरपाल लेकर आते रहे तब तक मंडियों में धान पूरी तरह से भीग चुका था। जिन बोरियों के ऊपर तिरपाल लगाया गया था वह सड़क पर जमा बारिश के पानी से भीग गई। डीसी को अनाज मंडी का निरीक्षण करना था। इसलिए उनके आने से पहले कई मजदूरों को सड़क पर जमा पानी निकालने के लिए लगा दिया गया। खरीद शुरू होने से पहले यह हाल है तो तब क्या होगा जब मंडियां धान से लबालब होंगी। किसान केवल खरीद शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। खरीद के आदेश होते ही किसान मंडियों में धान लेकर आने लगेंगे। इस साल खेतों में धान की फसल पिछले साल से अच्छी है। ऐसे में मंडियों में धान की आवक ज्यादा होने की उम्मीद है।
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जिले की अनाज मंडियों में इस बार तीन एजेंसियां धान की खरीद करेंगी। धान खरीद की जिम्मेदारी खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, हैफेड व हरियाणा वेयर हाउस कार्पोरेशन को दी गई है। हालांकि तीनों एजेंसियां कौन-कौन सी अनाज मंडियों में धान खरीदेंगी यह अभी तय नहीं हुआ है। उधर, धान खरीद शुरू होने में कुछ दिन बाकी है, लेकिन अनाज मंडियां इसके लिए पूरी तरह से तैयार नहीं हैं। अनाज मंडियों में सड़कों का बुरा हाल है। सड़कें टूटी पड़ी हैं। साफ सफाई का प्रबंध बिल्कुल भी नहीं हैं। मंडियों में चारों तरफ बजरी व कूड़ा फैला हुआ है।
अनाज मंडी जगाधरी में सीवरेज के मेनहोल टूटे पड़े हैं। जिनमें धान से भरी ट्रैक्टर-ट्रालियों के पहिये गिरने के अलावा यहां आए किसानों व मजदूरों के साथ भी हादसा हो सकता है। इस बार भी सभी 13 अनाज मंडियों में धान की खरीद की जाएगी। तीनों एजेंसियों ने करीब सात लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य रखा है। गत वर्ष साढ़े छह लाख मीट्रिक टन धान मंडियों में खरीदा गया था।
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मंडियों में खरीद पूरी होने के बाद धान को जूट की बोरियाें में भरा जाएगा। इसके लिए तीनों एजेंसियों को 18900 बेल की जरूरत पड़ेगी। एक बेल में 500 बोरी होती है। इसमें से 14637 बेल खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के पास मौजूद है। 3000 का प्रबंध हरियाणा वेयरहाउस करेगी। जबकि 1915 बेल खरीद सीजन के दौरान आने की बात कही जा रही है।

नाहरपुर गांव के किसान राजेश साहनी उर्फ रिंकू ने बताया कि ढाई एकड़ में कटाई करने के बाद वह धान जगाधरी अनाज मंडी में लेकर आए हैं। परंतु यहां पर अभी तक खरीद शुरू नहीं हुई है। जब तक खरीद शुरू होगी तब तक तो उनकी धान का वजन भी सूख कर काफी कम हो जाएगा। अनाज मंडी में ज्यादातर सड़कें टूटी पड़ी हैं। बारिश में काफी किसानों का धान भीग गया।

मुसिंबल गांव के किसान तेजिंद्र सिंह चहल ने बताया कि वह तीन एकड़ की धान जगाधरी मंडी में बेचने आए हैं, लेकिन यहां अभी तक सरकारी खरीद शुरू नहीं हुई है। धान की फसल पक चुकी है। वहीं मौसम भी खराब है। इसलिए कटाई शुरू कर दी है। जब तक खरीद नहीं होगी तब तक धान आढ़ती के पास ही रहेगा। अनाज मंडी की सड़कें भी टूटी हैं। सरकार को सरकारी खरीद जल्द शुरू करनी चाहिए।

जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी अशोक शर्मा ने बताया कि इस बार भी तीन एजेंसियां ही धान की खरीद करेंगी। जल्द ही एजेंसियों को मंडियां अलॉट कर दी जाएंगी। डीसी कैप्टन मनोज कुमार ने सभी मार्केट कमेटी सचिवों को अनाज मंडियाें में समय रहते तैयारियां पूरी करने को कहा है। धान कब से खरीदा जाएगा इसके आदेश आने वाले हैं।
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