शहर में हवा को प्रदूषित करता ढाबे के बाहर रखे तंदूर से निकलता धुआं। संवाद
यमुनानगर। शहर के एक्यूआई में रविवार को थोड़ा सुधार देखने को मिला। एक्यूआई 331 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से कम होकर 271 माइक्रोग्राम पर पहुंच गया। हालांकि अभी भी हवा में गुणवत्ता पूरी तरह से ठीक नहीं है। वातावरण में अभी भी स्मॉग छाया हुआ है। जिससे कुछ किलोमीटर के बाद कुछ भी ठीक से दिखाई नहीं दे रहा। प्रशासन की तरफ से भी प्रदूषण को कम करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा। इसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। बढ़ते प्रदूषण का सीधा असर लोगाें के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है।
प्रदूषण बढ़ने का बड़ा कारण केवल फैक्टरियों से निकलने वाला धुआं, उड़ती धूल व कूड़े में आग लगाना ही नहीं है। शहर में बड़ी संख्या में जगह-जगह तंदूर सड़कों पर जल रहे हैं। जितने भी रेस्टोरेंट, ढाबे या नॉनवेज की दुकानें हैं सभी में तंदूर जल रहा है। जिनमें कोयले के अलावा लकड़ी जलाई जा रही है। इनसे निकलने वाला धुआं भी सीधे हवा में मिलकर वातावरण को जहरीला बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा। कृषि विज्ञान केंद्र दामला के मौसम वैज्ञानिक अजीत कुमार के अनुसार मंगलवार से न्यूनतम तापमान में भी एक डिग्री की कमी आ सकती है। ठंड में हो रही बढ़ोतरी के बीच चिकित्सक लोगों को अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने की सलाह दे रहे हैं, क्योंकि बदलते मौसम में खांसी, जुकाम, बुखार व निमोनिया होने का खतरा रहता है।
जिले में ठंड का असर भी धीरे-धीरे बढ़ता ही जा रहा है। अधिकतम तापमान में दो डिग्री की कमी आ गई है। अधिकतम तापमान 25 डिग्री से कम होकर 23 डिग्री पर आ गया है। इससे सुबह-शाम ठंड बहुत ज्यादा बढ़ने लगी है। सर्दी से बचने के लिए लोग गर्म कपड़ों का सहारा ले रहे हैं। हालांकि स्मॉग के बीच दिन में निकल रही गुनगुनी धूप लोगों को काफी राहत दे रही है। लोग पार्कों व घर की छत, गलियों में बैठ कर धूप का आनंद ले रहे हैं।