ओवरलोड गाड़ियों को निकालने के लिए आरटीए के नाम पर रुपये लेने के आरोप में विजिलेंस की टीम ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान जगाधरी निवासी संदीप के रूप में हुई है। आरोपी के पास से विजिलेंस ने 10 लाख रुपये बरामद किए हैं। आरोपी संदीप को विजिलेंस ने अदालत में पेश कर दो दिन के रिमांड पर लिया है। वहीं, पहले से रिमांड पर चल रहे अंकित व नीरज को रिमांड पूरा होने के बाद वीरवार को विजिलेंस ने उन्हें अदालत में पेश किया। जहां से दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। बताया जा रहा है कि ओवरलोड गाड़ियों को निकालने के लिए आरटीए के नाम से रुपये लेने वाला पूरा ग्रुप है। जिसमें कई लोग शामिल है। विजिलेंस का दावा है कि कड़ी दर कड़ी सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। उनकी तलाश की जा रही है।
विजिलेंस मुख्यालय में उत्तर प्रदेश के शामली निवासी अख्तर ने ऑनलाइन शिकायत भेजी थी। जिसमें उसने कहा था कि उसका अपना ट्रांसपोर्ट है। तीन गाड़ियां उस पर पहले से हैं। वह ओवरलोड गाड़ियों को निकालने के लिए एक दिन आरटीए के एक अधिकारी से मिला था। उन्होंने एक कर्मचारी से मिलने के लिए कहा। तब उस कर्मचारी ने कहा था कि नीरज और अंकित यमुनानगर एरिया देखते हैं और संदीप करनाल क्षेत्र देखता है। उसने नीरज से संपर्क किया तो उसने तीन गाड़ियों को निकालने के लिए 27 हजार रुपये प्रतिमाह मांगे थे। उसने उसे पैसे दे दिए थे। वहीं उसने अब दो गाड़ियां और ले ली थी। उसने नीरज और संदीप से संपर्क किया। इन दोनों ने उससे 50-50 हजार रुपये मांगे। 20-20 हजार रुपये दोनों के खाते में भेज दिए थे। 10 अक्टूबर को अंकित ने उसे गाड़ियों की एंट्री के लिए बुलाया। वह 40 हजार रुपये उन्हें देने गया तो विजिलेंस को सूचना देकर आरोपियों को पकड़वा दिया था। विजिलेंस ने तब नीरज, अंकित और लवली को पकड़ा था। नीरज और अंकित को रिमांड पर लिया था। जबकि लवली को जेल भेज दिया था। आरोपियों के घर से करीब पांच लाख रुपये भी विजिलेंस ने बरामद किए थे। तब संदीप विजिलेंस के हत्थे नहीं चढ़ा था। अब विजिलेंस ने गुप्त सूचना पर संदीप को भी दबोच लिया है।