संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। प्रशासन की ओर से 15 सितंबर की रात महिला वकील बेबी नागरा का टीन शेड गिरा देने का मामला शांत नहीं हो पा रहा है। वकीलों में अभी भी इस मामले को लेकर प्रशासन के प्रति रोष है। अब वकीलों ने मामले का समाधान नहीं निकलने तक जगाधरी के एसडीएम की कोर्ट का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है।
इस मामले को लेकर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विक्रांत चौहान के नेतृत्व में वकील सेशन जज से मिल चुके हैं। वहीं बुधवार को डीसी को इस संबंध में ज्ञापन भी सौंपा जा चुका है। इसके बाद भी वकीलों में रोष अभी भी दिखाई दे रहा है।
इसके मद्देनजर वकीलों ने एसडीएम कोर्ट का पूरी तरह से बायकाट कर दिया है। बार एसोसिएशन की ओर से फरमान जारी किया गया, यदि कोई वकील जगाधरी एसडीएम कोर्ट में किसी कार्य से गया तो उसके खिलाफ 11 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। ऐसे में न तो कोई वकील एसडीएम कोर्ट का कोई कार्य पकड़ेगा और न ही करेगा।
उल्लेखनीय है 15 सितंबर की रात को प्रशासन ने अंधेरे में महिला वकील बेबी नागरा के चैंबर पर जेसीबी चलवा दी थी। इसकी भनक वकीलों को लगने के बाद वे सभी मौके पर पहुंच गए थे। लेकिन, तब टीन का शेड गिराया जा चुका था। उस दौरान वकीलों व प्रशासनिक अधिकारियों के बीच काफी बहस भी हुई।
एक घंटे के बाद तब वकील शांत होकर अपने-अपने घर चले गए थे। अगले दिन वे सेशन जज से मिले थे। वकीलों में रोष इस बात का है टीन शेड बिना किसी सूचना दिए प्रशासन की ओर से कैसे तोड़ दिया गया।
कानून के अनुसार की गई कार्रवाई : एसडीएम
मामले में जगाधरी एसडीएम विश्वनाथ ने बताया कि प्रशासन की ओर से जो भी कार्रवाई हुई है, वह कानून के दायरे में रहकर ही की गई है। अगर किसी की ओर ओर से कहीं पर अवैध निर्माण किया है तो जरूरी नहीं नोटिस सौंपा जाए। कोई गलत तरीके से कुछ निर्माण करता है तो प्रशासन उस पर कार्रवाई कर सकता है।