संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जगाधरी बस स्टैंड के नजदीक डॉक्टर जितेंद्र गुप्ता अस्पताल के सामने शनिवार सुबह ई-रिक्शा की टक्कर कांंवड़ में लग गई। इससे भड़के कांवड़ियों ने हंगामा शुरू कर अपनी कांवड़ सड़क पर रख दी और जाम लगा दिया।
मौके पर पहुंचे हुडा सेक्टर-17 थाना प्रभारी सुरेश कुमार व सिटी जगाधरी एसएचओ राजपाल कांवड़ियों को समझाने का प्रयास किया। कांवड़िये ई-रिक्शा चालक से पैदल हरिद्वार से गंगाजल मंगवाने की मांग पर अड़े रहे। करीब आधा घंटा बाद पुलिस ने कांवड़िये को गंगाजल देकर मामला शांत कराया।
जिला अंबाला के शहजादपुर व नारायणगढ़ के कांवड़िये हरिद्वार से कांवड़ लेकर शनिवार को यमुनानगर से होते हुए लौट रहे थे। जगाधरी बस स्टैंड से पहले डॉक्टर जितेंद्र गुप्ता के अस्पताल के सामने ही पुलिस ने नाका लगा रखा है। जैसे ही कांवड़िये नाके के पास पहुंचे तो पीछे से आ रहे ई-रिक्शा कांवड़िये दुर्गेश की कांवड़ से जरा सी टकरा गई। इस पर कांवड़ियों ने हंगामा कर दिया। चालक रिक्शा को वहीं छोड़ कर भाग गया। कांवड़ियों ने अपनी कांवड़ को सड़क के बीच में रख दी और जाम लगा दिया। इससे जितेंद्र गुप्ता के अस्पताल से लेकर यमुनानगर की तरफ वन वे पर जाम लग गया। वाहन चालक जाम में फंस गए। जाम लगा रहे कांवड़ियों की संख्या में सात से आठ थी। वह फोन करके दूसरे कांवड़ियों को भी मौके पर बुलाने लगे। इस पर पुलिस हरकत में आ गई और पुलिसकर्मियों को भी मौके पर बुला लिया गया। कांवड़ियों को वहां से निकल रहे लोगों ने भी बहुत समझाया। लोगों ने कहा कि आपकी कांवड़ क्षतिग्रस्त नहीं हुई, इसलिए यह खंडित नहीं हुई है। रिक्शा की केवल मामूली टक्कर लगी थी। कांवड़िये किसी की सुनने को तैयार नहीं थे। मौके पर एसएचओ राजपाल व सुरेश कुमार पहुंचे और हालात को काबू किया।
पुलिस ने सड़क के बीच रखी कांवड़ को एक तरफ करवाया ताकि एक लेन से वाहन चलते रहे। कांवड़िये इस बात पर अड़े थे कि रिक्शा चालक को हरिद्वार भेज कर वहां से पैदल गंगाजल मंगवाया जाए। इस पर एसएचओ ने कांवड़ियों से कहा कि यह संभव नहीं है। बाद पुलिस उन्हें जलाभिषेक के लिए गंगाजल मुहैया कराया। इस पर वे शांत हो गए।
सड़क पर चलते समय ई-रिक्शा कांवड़ से टकरा गई थी। थोड़ी देर के लिए जाम लगा था। पुलिस कर्मचारियों को हिदायत दी गई है कि कांवड़ यात्रा के दौरान किसी प्रकार की ढिलाई न बरतें। - कमलदीप गोयल, एसपी, यमुनानगर।