संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। हरियाणा रोडवेज यमुनानगर डिपो में रात्रि ठहराव भत्ते को केवल 15 रात्रि तक सीमित करने के निर्णय के खिलाफ कर्मचारियों का गुस्सा फूट पड़ा। हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन (सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा से संबद्ध) की ओर से डिपो गेट पर आयोजित मीटिंग में इस आदेश को वापस लेने की मांग की गई।
कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि मांगें न मानी गईं तो आंदोलन से भी पीछे नहीं हटेंगे। डिपो प्रधान महिपाल सौदे व सचिव राजेश कांबोज ने कहा कि सभी डिपो में मार्गों के अनुसार पर्याप्त स्टाफ उपलब्ध नहीं है। यदि 15 रात्रि ठहराव के बाद चालकों और परिचालकों को संबंधित मार्गों से हटा दिया गया तो कई रात्रि ठहराव वाले रूट पर बसें बंद करनी पड़ेंगी।
इससे विभाग को राजस्व हानि होगी और आम जनता, विशेषकर छात्र-छात्राएं, परिवहन सेवा से वंचित रह जाएंगे। उन्होंने मांग उठाई कि यमुनानगर डिपो में नई बीएस-6 बसें उपलब्ध कराई जाएं, ताकि यात्रियों को बेहतर सुविधा मिल सके और विभाग की आय बढ़े।
साथ ही करीब दो वर्षों से लंबित रात्रि ठहराव भत्ते का भुगतान तुरंत करने की मांग की गई। कर्मचारियों ने चालकों-परिचालकों की ऑनलाइन ट्रांसफर नीति को वापस लेकर मैनुअल ट्रांसफर प्रक्रिया शुरू करने की भी मांग रखी। इन सभी मुद्दों को लेकर यूनियन प्रतिनिधि 22 फरवरी को परिवहन मंत्री से मुलाकात करेगा। यदि उनके तर्कों और सुझावों की अनदेखी की गई तो विभाग और कर्मचारी हित में आंदोलन तेज किया जाएगा। इस मौके पर नंद लाल कांबोज, गुलाब सिंह, बृजभूषण, राज कुमार सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।