संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। बकाया भुगतान की मांग को लेकर आंगनबाड़ी वर्कर और हेल्पर यूनियन का धरना शुक्रवार को 18वें दिन भी जारी रहा। जिला उपप्रधान अंग्रेजो की अध्यक्षता में वर्कर और हेल्पर एक जगह एकत्र होकर धरने पर बैठीं।
जिला उपप्रधान अंग्रेजो ने बताया कि जिले में 1,286 आंगनबाड़ी केंद्र हैं, जिनमें 196 केंद्र किराये के भवनों में चल रहे हैं। उनके अनुसार, सिलिंडर, किराया और आंगनबाड़ी कम क्रैच का भुगतान पीओ कार्यालय से किया जाता है, परंतु 17 महीने से इन मदों का भुगतान नहीं हुआ है। वहीं, आंगनबाड़ी वर्करों का मानदेय राज्य सरकार की ओर से मिलता है।
वर्करों ने बताया कि बच्चों के लिए राशन पकाने में गैस सिलिंडर की जरूरत होती है। एक सिलिंडर करीब दो महीने में इस्तेमाल होता है। उनका कहना है कि मार्च 2023 के भुगतान के बाद अब तक सिलिंडर के लिए कोई राशि नहीं मिली। वर्कर अपने स्तर पर सिलिंडर की व्यवस्था करती आ रही हैं। जनवरी 2025 में आंगनबाड़ी कम क्रैच सेंटर शुरू किए गए थे। इनका किराया भी 17 महीने से लंबित है। ऐसे में वर्करों के सामने केंद्र का खर्च चलाने और अपने परिवार का भरण-पोषण करने दोनों की समस्या खड़ी हो गई है।
आंगनबाड़ी केंद्रों के मकान मालिक किराया नहीं मिलने के कारण भवन खाली करने के लिए कह रहे हैं। कुछ स्थानों पर ताले भी लगा दिए गए हैं जबकि केंद्रों का सामान अंदर ही पड़ा है। नीतू, आशा, रमा, सुरजीत, शालिनी, कुसुम, अंग्रेजो, रितू गुप्ता, चंचल, सुनीता, सुमित, अमरजीत, अंजू आदि वर्करों ने सीबीई, यूनिफॉर्म, फ्लेक्सी फंड और विभाग की ओर से लगाए गए बिजली मीटरों के बिल का भुगतान भी लंबित होने की बात कही।
राशन खराब होने की आशंका
आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहने से वहां रखा राशन खराब होने की आशंका जताई जा रही है। कई दिनों के अंतराल के बाद बच्चों और गर्भवती महिलाओं को कच्चा राशन वितरित किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार और विभाग से जल्द बकाया राशि जारी करने की मांग की।