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Yamuna Nagar News: सामुदायिक केंद्र में घटिया सामग्री लगाने का आरोप

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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। वार्ड-11 के दड़वा गांव में बन रहे सामुदायिक भवन को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में खुलेआम घटिया सामग्री का प्रयोग किया जा रहा है, जिससे भवन की गुणवत्ता और उसकी मजबूती पर सवाल उठ रहे हैं। यह भवन गांव में आयोजित होने वाले शादी-विवाह और अन्य सामुदायिक कार्यक्रमों के लिए तैयार किया जा रहा है, लेकिन निम्न स्तर के निर्माण कार्य ने ग्रामीणों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।
गांव के सुरेश, दिनेश, हरी सिंह, केहर, छोटू, सुमित, दीपचंद, बाजीगर, रिंकू, बलविंद्र, बलजीत, पूर्व सरपंच रणधीर सिंह व बिंदर आदि ने बताया कि काफी समय से भवन की मांग कर रहे थे, लेकिन अब भवन का काम लगा तो इसमें भ्रष्टाचार की बू आ रही है। यहां पर मौजूद मिस्त्री व मजदूरों को भी पता नहीं है कि ठेकेदार कौन है और किस के आदेश से ये मिस्त्री यहां पर लगे हैं।
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ठेकेदार पैसे बचाने के लिए लगा रहा घटिया सामग्री

दलीप कुमार का कहना है कि निर्माण स्थल पर इस्तेमाल की जा रही ईंटें मानक अनुरूप नहीं हैं और कई जगहों पर टूट-फूट की स्थिति में उपयोग की जा रही हैं। इसके साथ ही, रेत की गुणवत्ता भी बेहद खराब है जिसके कारण कुछ समय बाद भवन के गिरने का भी खतरा रहेगा। आरोप है कि ठेकेदार पैसे बचाने की कोशिश में गुणवत्ताहीन सामग्री का उपयोग कर रहा है, जिससे पूरे भवन की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है।



जानबूझ कर अधिकारी कर रहे अनदेखा

गुरचरण ने बताया कि वे कई बार अधिकारियों को इस मामले की जानकारी दे चुके हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। शिकायतों को बार-बार अनदेखा किए जाने से लोगों में नाराज़गी बढ़ती जा रही है। उनका कहना है कि सरकारी योजनाओं के तहत बनने वाली इमारतों में पारदर्शिता और गुणवत्ता की जिम्मेदारी प्रशासन की होती है, लेकिन यहां स्थिति इसके बिल्कुल विपरीत दिखाई दे रही है।



सामुदायिक भवन की गुणवत्ता पर सवाल

मेनपाल ने बताया कि वह खुद राजमिस्त्री का काम करते हैं और भवन में लग रही सामग्री बिल्कुल घटिया किस्म की है और भवन में लगने वाला मटेरियल उच्च क्वालिटी का होना चाहिए जिससे आने वाले समय में किसी को कोई खतरा न हो। उनका कहना है कि इस भवन का उपयोग गांव के बड़े सामाजिक आयोजनों में किया जाना है, ऐसे में इसकी मजबूती और गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता।





जेई व वार्ड पार्षद को भी करा चुके अवगत

बुधराम ने बताया कि यहां पर कार्य कर रहे मिस्त्रियों से भी कहा गया कि ईंट की क्वालिटी घटिया है और मिस्त्री ईंट को बढिया बता रहा है और वह ठेकेदार का पक्ष ले रहा है ताकि ठेकेदार पर आंच न आए। वार्ड पार्षद व जेई को यहां पर इस्तेमाल होने वाली घटिया सामग्री के बारे में अवगत कराया लेकिन कोई भी अभी तक नहीं पहुंचा है अगर सरकार भ्रष्टाचार को खत्म करना चाहती है तो भवन निर्माण में घटिया सामग्री उपयोग करने वाले ठेकेदार पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।

भट्टे वाले ने गलती से घटिया किस्म की ईंट उठा लाया था जिसके लिए भट्टा मलिक के साथ 6700 रूपए प्रति हजार ईंट का रेट तय किया गया था। भट्टे की तरफ से ईंट गलत सामुदायिक केंद्र में डाली गई हैं सूचना मिलने पर भट्टा मालिक को सही किस्म की ईंट डालने के लिए कहा गया है।
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-अमित गुप्ता, ठेकेदार

मामले के बारे में सूचना मिल चुकी है और जहां पर घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है, मौके पर जाकर देखा गया कि वहां पर घटिया सामग्री का प्रयोग किया गया था जोकि वहां से निर्माण कार्य में लगी घटिया ईंटे उखड़वा दी गई हैं और ठेकेदार को भी सामुदायिक केंद्र में घटिया सामग्री के प्रयोग न करने के बारे में भी चेतावनी दी गई है। पहला काम किया गया है और आज ही इस कार्य के लिए आदेश हुए हैं।

-जेई, मनीष नगर निगम
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