रादौर। आजादी से पहले अंग्रेजों द्वारा गांव अलाहर में 1925 में स्थापित किया गया स्कूल को 100 वर्ष पूरे हो गए है। ऐसे में यहां के अध्यापकों ने सोवार को 100वीं स्कूल की वर्षगांठ मनाई। 1925 में दो कमरों से शुरू किए गए थे। उन दिनों में प्राइमरी स्कूल में गांव के 5 बच्चों ने दाखिला लेकर स्कूल में शिक्षा ग्रहण करने की शुरुआत की थी। आज 12वीं तक के इस सरकारी स्कूल में 500 से अधिक बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। 1925 से पहले गांव में एक मदरसा था। जहां बच्चे शिक्षा ग्रहण करते थे। बाद में मदरसा बंद कर सरकार ने स्कूल खुलवाया। उस समय का सभी रिकॉर्ड आज भी स्कूल में मौजूद है। जो उर्दू में है। 1965 के बाद रिकॉर्ड को हिंदी व अंग्रेजी में लिखना शुरू किया गया।
वहीं स्कूल की 100 वीं वर्षगांठ पर गांव व क्षेत्र के समाजसेवी राजकुमार कांबोज व उनके बेटे जर्मनी के सांसद राहुल कांबोज स्कूल में पहुंचे। इस दौरान प्रिंसिपल मुकेश रोहिल को रोटरी क्लब की ओर से शॉल भेंट कर उन्हें सम्मानित किया। उन्होंने गांव के स्कूल की 100वीं वर्षगांठ पर सभी स्टाफ सदस्यों, बच्चों व ग्रामीणों को विशेष रूप से बधाई दी। प्रिंसिपल मुकेश रोहिल ने बताया कि 1979 में सरकार ने स्कूल को हाईस्कूल का दर्जा दिया था। जबकि 2003 में स्कूल को सीनियर सेकेंडरी स्कूल का दर्जा मिला। सरकार ने मुख्यमंत्री स्कूल सुंदरीकरण योजना के तहत 2012 में स्कूल को जिला स्तर पर प्रथम पुरस्कार देकर सम्मानित किया था।