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पिपली माजरा का मुस्तफा कर रहा यह काम, जानिए सालाना कितना कमा रहा

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खेत में फसल दिखाता किसान - फोटो : ?????
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(यमुनानगर) छछरौली। समय के साथ जिले में परपंरागत खेती में बदलाव देखने को मिल रहा है। क्षेत्र में किसानी अब केवल गन्ने व सब्जियों तक ही सीमित नहीं रह गई है। यमुनानगर की पहचान परंपरागत के साथ उद्यान संबंधी खेती से भी हो रही है। छछरौली ब्लाक के पिपली माजरा गांव निवासी मुस्तफा ने स्ट्रॉबेरी की शानदार खेती की शुरुआत की है। स्ट्रॉबेरी की खेती कर अच्छा मुनाफा कमाकर किसानों के लिए वह प्रेरणादायक साबित हो रहा है।
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मुस्तफा प्रतिवर्ष एक कनाल से तीन लाख की कमाई कर रहा है। खेत में उगाई स्ट्रॉबेरी खेत से ही बिक जाती है। अकेले मुस्तफा ही नहीं उनकी तरह दो दर्जन गांवों में किसान स्ट्रॉबेरी की खेती कर रहे हैं। मुस्तफा ने बताया कि उसका परिवार शुरू से ही सब्जियों की खेती करता रहा है। पूरा परिवार पिछले 10 साल से अपने खेत में बिना दवाई व स्प्रे के खेती करते हैं। उन्होंने बताया कि उनके खेत में तैयार की गई सब्जी खेत से ही बिक जाती है। पिछले 10 सालों में वह कभी भी खेत से सब्जी तोड़कर मंडी में लेकर नहीं गए हैं। यमुनानगर शहर उनके गांव से 30 किलोमीटर दूर पड़ता है। रोज लोग शहर से उनके खेतों में स्पेशल सब्जी लेने के लिए आते हैं। उसने बताया कि इसमें मुनाफा कम होता है। इसके साथ उसने एक कनाल भूमि पर स्ट्रॉबेरी लगाई थी, जिससे चार महीने में ही तीन लाख रुपये की आमदनी हो गई। उसने बताया कि उसके खेत में तैयार की गई स्ट्रॉबेरी के ग्राहक अच्छे हैं। सुबह खेत से ताजा स्ट्रॉबेरी तोड़ता है और सारी स्ट्रॉबेरी तोड़ते समय ही ताजा ताजा खेत से ही बिक जाती है। उसने बताया कि वह हर साल इसकी पौध भी खुद ही तैयार करता है। उसने बताया कि वह स्पेशल किस्म की स्ट्रॉबेरी तैयार करता है। स्ट्रॉबेरी का सीजन 4 महीने का होता है। इन 4 महीनों में वह लगभग तीन लाख रुपये की कमाई एक कनाल भूमि से लेता है।
अधिक दिन नहीं रख सकते
-शीतोष्ण प्रदेशों में होने वाला यह फल भारत में पर्वतीय भागों में उगाया जाने लगा है। इसकी कई किस्में हैं, खट्टा मीठा फल होने के साथ-साथ यह गुणकारी भी है। दिल के आकार में होने वाली स्ट्रॉबेरी में लवण कैल्शियम सहित कई गुणकारी तत्व हैं। स्ट्रॉबेरी ऐसा फल है, जिसे अधिक दिनों तक बिना किसी सुविधा के रखना संभव नहीं है। ऐसे में इसका बाजार स्थानीय स्तर पर ही निर्भर है। अगर इसका प्रसंस्करण हो तो इसका बाहर भेजने पर इसके अधिक दाम मिल सकेंगे।
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-किसानों का रुझान बागवानी संबंधी खेती की तरफ तेजी से बदल रहा है। सरकारी योजनाओं के तहत किसानों को अनुदान भी दिया जाता है। स्ट्रॉबेरी की मांग यमुनानगर से लेकर दिल्ली की सभी मंडियों में है। फल और फूल की खेती करने वाले किसान अच्छा मुनाफा ले रहे हैं।
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-डॉ. रमेश सैनी, जिला उद्यान अधिकारी
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