Agricultural law has been made at the behest of economic terrorists: Chadhuni
- फोटो : Yamuna Nagar
यमुनानगर। भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम चढूनी ने यमुनानगर के गांव सरावां में केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। यहां किसान-मजदूर पंचायत को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था चंद लोगों के हाथ में चली गई है। ये चंद लोग ही देश के आर्थिक आतंकवादी हैं और इन आर्थिक आतंकवादियों के कहने पर केंद्र सरकार ने कृषि कानून बनाए हैं। इन कानूनों के लागू होने से पूरे देश का एग्रो बिजनेस कारपोरेट जगत करेगा। चढूनी ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री इनके क्लर्क के तौर पर काम कर रहे हैं।
कारपोरेट जगत के लोग कानून बनाकर लाते हैं और प्रधानमंत्री इस पर साइन कर देते हैं। हमारे पास आंदोलन के अलावा कोई चारा नहीं है। इसलिए जब तक कृषि कानून वापस नहीं हो जाते, तब तक जात पात का भेदभाव छोड़कर आंदोलन जारी रखना होगा। उन्होंने कहा कि अगर किसानों को उनका हक मिल जाए तो देश की जीडीपी बढ़ जाएगी। ये जो लड़ाई लड़ी जा रही है ये हमारे पेट की लड़ाई है, हमारे हक की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि हमें पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से नहीं टकराना है, लेकिन बीजेपी और जजपा नेताओं का बहिष्कार जारी रखना है। उन्होंने कहा कि विधानसभा में जिन विधायकों ने सरकार के पक्ष में वोट दिया है, उनको गांव में नहीं घुसने देना है।
इस आंदोलन को बड़े सिस्टम से लड़ने की जरूरत है। यह धर्मयुद्ध है और इसमें सभी की आहुति होनी चाहिए। क्योंकि यह आंदोलन लंबा चल सकता है। हमें भी नहीं पता की कब तक चलेगा, लेकिन यह आंदोलन हमें अंतिम सांस तक लड़ना है। इसलिए प्रत्येक गांव से किसान दिल्ली बॉर्डर पर जरूर पहुंचे। हमारी प्रशासन और पुलिस से भी अपील है कि वे दुखी किसानों को और ज्यादा परेशान न करें। कहीं ऐसा न हो कि किसान पहले आपसे ही निपटने लग जाएं। इस दौरान जिलाध्यक्ष संजू गुंदियाना, मंदीप रोडछप्पर, वेद प्रकाश राणा, सरदार लखविंदर सिंह चीमा, सरदार गुरचरण सिंह ढिल्लों, हरविंद्र सिंह चीमा, चौधरी मतलूब हसन समेत सैकड़ों की संख्या में किसान मौजूद रहे।
Agricultural law has been made at the behest of economic terrorists: Chadhuni- फोटो : Yamuna Nagar